
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ श्याम नगर स्थित लैंडमार्क ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में शनिवार को सीड बॉल्स कार्यशाला का आयोजन किया गया। संस्थान की निदेशक कुलदीप शर्मा ने बताया यह पौधारोपण का एक प्राचीन और बेहद प्रभावशाली तरीका है। कार्यशाला में उपस्थित महिलाओं ने 500 सीड बॉल्स तैयार कर पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी मिसाल पेश की है। कार्यशाला में नीम की निमौली, पारिजात, पपीता, बील , शीशम, आम , जामुन, आमला आदि की सीड बॉल्स मुख्य रूप से बनाई गईं। उन्होंने बताया कि “हमें इनको बनाने के लिए सिर्फ मेहनत की जरूरत होती है, खर्च नहीं लगता, क्योंकि जिन वस्तुओं का हम उपयोग कर रहे हैं, वह आसानी से घरों में मिल जाती है। इन्हें लगाने के बाद हम धरती को हरा भरा बना सकेंगे, जिससे हमें अच्छी हवा और सुंदर पर्यावरण मिल सकेगा
सक्षम संस्थान की इस पर्यावरण संरक्षण और समृद्धि की पहल को सभी ने सराहा। सक्षम संस्थान की तरफ से सचिव ईवादीप सक्सेना, लैंडमार्क ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट से कुलदीप शर्मा ने सभी को किचिन वेस्ट की उपयोगिता तथा अपनी रसोई व आसपास के बीजों से सीड बॉल्स बनाने और उनकी उपयोगिता की जानकारी दी। पिछले साल विभिन्न संस्थाओं के सहयोग लगभग 8 हज़ार सीड्स बॉल्स बनाई गई थी। इस वर्ष दस हज़ार सीड बॉल्स तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। सक्षम संस्थान की सचिव ईवादीप ने बताया कि कई स्कूल, कॉलेज, किट्टी क्लब, महिलाओं के समूह इस मुहिम में साथ जुड़ रहे हैं, जो भी संगठन से जुड़ने के इच्छुक है वो 9672999416 परा कॉल कर के जानकारी ले सकते हैं। कार्यशाला में लिनेस क्लब की टीम भी जुड़ी तथा सभी ने कम से कम 100 बीज अपने अपने घरों में इकट्ठे करने का संकल्प लिया। लिनेस क्लब की अध्यक्षा विमला शर्मा, कोषाध्यक्ष सुमन शर्मा, सलाहकार सुशीला जैन, संस्था की पूर्व अध्यक्ष रतन सोगानी एवं समाज सेवी कोमल मेठवानी, पर्यावरण प्रेमी सदस्या वीना जैन एवं सिम्मी , पिहू राजावत व कोमल गुप्ता ने कार्यशाला में भाग लिया। प्रारम्भ में लैंडमार्क के डाइरेक्टर रविंद्र शर्मा ने स्वागत करते हुए आयोजन विषयक जानकारी दी।




