
शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण पर जोर-नवी
मुंबई, दिव्यराष्ट्र:/ छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसएमयू), नवी मुंबई का तृतीय दीक्षांत समारोह शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित जी. डी. बड़ाया ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह में विभिन्न संकायों के 1268 विद्यार्थियों को उपाधियां एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। उपाधियां राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े द्वारा प्रदान की गईं।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यपाल बागड़े ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप के जीवन से साहस, राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा तथा संघर्ष की प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करना जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ-साथ बौद्धिक और सामाजिक रूप से भी स्वयं को विकसित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान नैतिकता, ईमानदारी और प्रामाणिकता से है। विद्यार्थियों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इन मूल्यों का पालन करना चाहिए। राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और संस्कारों के बल पर समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान दें।
समारोह की शुरुआत विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. केशव बड़ाया द्वारा उपाधियों एवं प्रमाण-पत्रों के अनुमोदन की घोषणा के साथ हुई। इस अवसर पर कुल 1268 डिग्रियों एवं प्रमाण-पत्रों को अनुमोदित किया गया, जिनमें 34 पीएच.डी., 535 स्नातकोत्तर तथा विभिन्न स्नातक एवं अन्य पाठ्यक्रमों की उपाधियां शामिल थीं। डॉ. बड़ाया ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रख्यात वैज्ञानिक एवं सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक प्रो. (डॉ.) शेखर सी. मांडे ने विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित किया। उन्होंने नवाचार, अनुसंधान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व पर बल देते हुए कहा कि भारत के नेतृत्व में विश्व को नई दिशा देने का समय आ गया है। विद्यार्थियों को विकास के समग्र दृष्टिकोण को अपनाते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए तथा देश का गौरव बढ़ाना चाहिए।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अजिताभ शर्मा ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से समर्पण, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता के साथ समाज तथा राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) के. एल. वर्मा ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षाविद, प्राध्यापक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ तथा विद्यार्थियों को उनके भावी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं।





