
जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) जयपुर, में शुक्रवार को एमएनआईटी इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट कॉन्क्लेव के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग और शासन से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों को एक साथ लाया गया, ताकि आपसी सहयोग को मजबूत किया जा सके।
सम्मेलन शुभारंभ के पश्चात एमएनआईटी निदेशक प्रो. एन.पी. पाढ़ी ने स्वागत भाषण देते हुए सम्मेलन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए संस्थान की अनुसंधान, नवाचार और प्लेसमेंट के क्षेत्र में उपलब्धियों को रेखांकित किया। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव और मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास ने एमएनआईटी जयपुर की सराहना की कि वह उद्योग, शिक्षा और नीति-निर्माण संस्थानों के बीच मजबूत संबंध बनाने का कार्य कर रहा है, जिससे विकसित भारत और विकसित राजस्थान का सपना पूरा हो सके। इसके बाद बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष आर्किटेक्ट हबीब खान ने संबोधित किया और नवाचार, अनुसंधान तथा उद्योग-आधारित शिक्षा को जोड़ने पर जोर दिया, ताकि भारत फिर से विश्वगुरु बन सके। इस सत्र में सम्मेलन की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित पैनल चर्चाएँ रहीं। “प्रयोगशाला से बाज़ार” पैनल में अनुसंधान को वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने, वाणिज्यीकरण, इनक्यूबेशन तथा उद्योग सहयोग पर चर्चा की गई, विशेष रूप से एमएसएमई और स्वदेशी निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए। वहीं “पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल अंतर को पाटना” पैनल में शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने, इंटर्नशिप, अनुभवात्मक अधिगम और परिणाम-आधारित दृष्टिकोण पर बल दिया गया। साथ ही डिज़ाइन थिंकिंग, संचार, टीमवर्क और वित्तीय साक्षरता जैसे कौशलों के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
सम्मेलन के अंतर्गत विभागीय स्तर पर तकनीकी सत्र, अनुसंधान प्रस्तुतियाँ और संवादात्मक चर्चाएँ भी आयोजित की गईं। “पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता और आवश्यक अद्यतन” विषय के अंतर्गत विभागों ने पाठ्यक्रम आधुनिकीकरण, अंतर्विषयक अधिगम और उद्योग के साथ सुदृढ़ एकीकरण पर विचार-विमर्श किया। समानांतर रूप से “अनुसंधान और आवश्यक अद्यतन” सत्रों में चल रही परियोजनाओं, नवाचार, पेटेंट और सहयोग पर प्रकाश डाला गया, जिसमें प्रभावी अनुसंधान, बौद्धिक संपदा सृजन और विचारों को स्टार्टअप तथा वास्तविक अनुप्रयोगों में रूपांतरित करने पर जोर दिया गया।
सम्मेलन का समापन मनमोहक सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ, जिसमें ग्रैमी पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध वादक विश्व मोहन भट्ट की मोहक मोहन वीणा प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन समारोह में सम्मेलन के दौरान हुए सार्थक विचार-विमर्श, सहयोग और निष्कर्षों पर प्रकाश डाला गया तथा नवाचार को बढ़ावा देने, अकादमिक–उद्योग साझेदारी को सुदृढ़ करने और भविष्य के लिए सक्षम प्रतिभा विकसित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।




