
मुंबई, दिव्यराष्ट्र:/ पूरे भारत में 1 करोड़ बच्चों तक पहुँचने और उन पर सकारात्मक प्रभाव डालने की अपनी हालिया उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए, पीएंडजी शिक्षा ने आज अपने निरंतर मिशन #इरेज द लर्निंग गैप के तहत अपना गीत ‘अब सब जाएंगे स्कूल पीएंडजी शिक्षा के साथ ‘ लॉन्च किया। जियोहॉटस्टार के साथ साझेदारी में तैयार किया गया यह गीत सीखने में आने वाली कमियों की भावनात्मक वास्तविकता को दर्शाता है – वे शांत, अक्सर अनदेखे पल जब एक बच्चा खुद को पीछे छूटता हुआ महसूस करने लगता है, और इसके विपरीत सीखने की उस खुशी को सामने लाता है, जो आत्मविश्वास, दृढ़ता और प्रगति में बदल जाती है।
पीएंडजी इंडिया के ब्रांड ऑपरेशंस के सीनियर डायरेक्टर रजत ब्रार ने कहा,ने कहा, “एएसईआर जैसी स्टडी एक कठोर सच्चाई को दिखाती हैं-भारत में लाखों बच्चे स्कूल तो जा रहे हैं, लेकिन सभी अपनी कक्षा के स्तर के अनुसार नहीं सीख पा रहे हैं, जिससे सीखने का अंतर आज हमारे युवा शिक्षार्थियों के सामने सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बन गया है। ‘अब सब जाएंगे स्कूल विद पीएंडजी शिक्षा’ एक करोड़ बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव डालने की हमारी उपलब्धि को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि हमारे लिए यह केवल आगे बढ़ने का विषय नहीं है-यह सार्थक प्रभाव से जुड़ा है, जहां हर बच्चा उस सीखने के अंतर का प्रतीक है जिसे समय रहते पहचाना गया और सही सहयोग के साथ दूर किया गया।”
पीएंडजी शिक्षा लंबे समय से सीखने के अंतराल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के मिशन पर काम कर रहा है—यह अंतर बच्चे के वर्तमान सीखने के स्तर और अपेक्षित स्तर के बीच होता है। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर चलाए जा रहे कई कार्यक्रम #इरेज द लर्निंग गैप के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पीएंडजी शिक्षा ने 21 वर्षों में 1 करोड़ से अधिक बच्चों को सकारात्मक रुप से प्रभावित करने का जश्न मनाया है, और यह उपलब्धि आंकड़े से कहीं अधिक का प्रतिनिधित्व करती है, यह 1 करोड़ व्यक्तिगत यात्राओं को दर्शाती है जहां सीखने की कमियों की पहचान जल्दी की गई और उन्हें स्थायी रुकावट बनने से पहले ही दूर किया गया।
इसी को आगे बढ़ाते हुए, पीएंडजी शिक्षा ने मुंबई में एक स्मारक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें पूरे इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाया गया। इस कार्यक्रम में इंटरएक्टिव और अनुभवात्मक सत्रों के माध्यम से सीखने के अंतर की शुरुआती पहचान और सहयोग के महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
‘अब सब जाएंगे स्कूल पीएंडजी शिक्षा के साथ’ की लॉन्चिंग के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया गया जिसका संचालन किडस्टॉपप्रेस की सीईओ और संस्थापक मानसी ज़ावेरी ने किया। इस चर्चा में द इंडियन पेरेंट पॉड के सह-संस्थापक नकुल मेहता और और पीएंडजी इंडिया के सीनियर डायरेक्टर- ब्रांड ऑपरेशंस रजत बरार शामिल हुए। उन्होंने इस बात पर अपने विचार साझा किए कि सीखने के अंतर अक्सर झिझक या आत्म-संदेह के रूप में सामने आते हैं, और इन्हें शुरुआत में ही दूर करने में अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय की क्या भूमिका होती है।






