
बेंगलुरु, दिव्यराष्ट्र:/ भारत का पहला 100% एफडीआई-वित्तपोषित तृतीयक देखभाल अस्पताल, सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल ने अपने उन्नत और एकीकृत इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर एंड ब्लड डिसऑर्डर्स का शुभारंभ किया। यह समर्पित केंद्र सटीकता-आधारित, तकनीक-सक्षम और मरीज-केंद्रित कैंसर एवं हीमेटोलॉजी उपचार को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
“हेल्पिंग दाबॉडी — हेल्पिंग दा सोल” की विचारधारा से प्रेरित यह संस्थान उपचार के हर चरण में करुणामय देखभाल, स्पष्ट संवाद और निरंतर सहयोग पर विशेष बल देगा। संस्थान का उद्घाटन मुख्य अतिथि अरविंद लिंबावली, पूर्व वन मंत्री, कर्नाटक सरकार एवं पूर्व विधायक की उपस्थिति में किया गया।
नवस्थापित संस्थान में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, ब्रेस्ट ऑन्कोलॉजी, हीमेटोलॉजी, एनेस्थीसियोलॉजी, क्रिटिकल केयर तथा उन्नत सर्जिकल विशेषज्ञताओं सहित संपूर्ण ऑन्कोलॉजी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इन सेवाओं को आधुनिक डायग्नोस्टिक्स और मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड्स का सहयोग प्राप्त होगा। यह एकीकृत मॉडल समन्वित निर्णय-प्रक्रिया और प्रत्येक मरीज की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यक्तिगत उपचार योजना सुनिश्चित करेगा। यह पहल सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल की प्रारंभिक निदान, सटीक उपचार और समग्र देखभाल के माध्यम से कैंसर परिणामों को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उद्घाटन अवसर पर अरविंद लिंबावली ने कहा, “सकरा हॉस्पिटल ने विशेषकर कोविड जैसे चुनौतीपूर्ण समय में हमारे क्षेत्र की प्रतिबद्धता और करुणा के साथ सेवा की है। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। ऑन्कोलॉजी विभाग का शुभारंभ स्थानीय स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त करेगा और हमारे समुदाय को घर के पास ही उन्नत कैंसर उपचार उपलब्ध कराएगा।”
डॉ. विनीत गुप्ता, निदेशक एवं प्रमुख – इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर एंड ब्लड डिसऑर्डर्स, सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल ने कहा, “चिकित्सा अनुसंधान और तकनीक में प्रगति के कारण आज कई प्रकार के कैंसर प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने पर अत्यधिक उपचार योग्य हैं। भारत में हर वर्ष 14 लाख से अधिक नए कैंसर मामलों की रिपोर्ट होती है, फिर भी जागरूकता की कमी और विलंबित निदान के कारण अधिकांश मरीज उन्नत अवस्था में सामने आते हैं। समय पर पहचान, शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण उपचार तक पहुंच जीवन में निर्णायक बदलाव ला सकती है। कैंसर उपचार अब सहयोगात्मक और व्यक्तिगत दृष्टिकोण की मांग करता है। इस संस्थान के माध्यम से हमारा उद्देश्य साक्ष्य-आधारित उपचार, विशेषज्ञताओं के बीच निर्बाध समन्वय और मरीजों तथा उनके परिवारों की चिकित्सकीय एवं भावनात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए करुणामय देखभाल प्रदान करना है।”
यह संस्थान अंग-विशिष्ट ऑन्कोलॉजी, मिनिमली इनवेसिव एवं रोबोटिक सर्जरी, कीमोथेरेपी, सहायक एवं उपशामक देखभाल तथा दीर्घकालिक सर्वाइवरशिप कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देगा, जिससे निदान से लेकर रिकवरी और उसके बाद तक निरंतर देखभाल सुनिश्चित हो सके। साथ ही, प्रारंभिक पहचान को प्रोत्साहित करने के लिए निवारक ऑन्कोलॉजी, मरीज शिक्षा और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों पर भी बल दिया जाएगा।
सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर यूइची नागानो ने कहा, “इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर एंड ब्लड डिसऑर्डर्स का शुभारंभ सकरा की उस प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जिसके तहत हम जापानी सटीकता, उन्नत चिकित्सा तकनीक और नैदानिक उत्कृष्टता को एक साथ लाकर भारत में वैश्विक मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।”
डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर केई इयामा ने कहा, “यह संस्थान सकरा की उस रणनीति के अनुरूप है जिसके तहत जटिल बीमारियों के बढ़ते बोझ को ध्यान में रखते हुए एकीकृत और उच्च-गंभीरता वाले केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। बहु-विषयक विशेषज्ञता, उन्नत तकनीक और सुव्यवस्थित उपचार प्रक्रियाओं के माध्यम से हम कैंसर उपचार में बेहतर नैदानिक परिणाम और अधिक दक्षता सुनिश्चित करना चाहते हैं।”
ग्रुप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर श्री लोवकेश कुमार फासु ने कहा, “कैंसर के मामलों में निरंतर वृद्धि के बीच ऐसे एकीकृत संस्थानों की आवश्यकता है जो उपचार में देरी को कम करें और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें। यह संस्थान मरीजों को विशेषज्ञ राय, उन्नत उपचार और व्यापक सहयोग एक ही स्थान पर शीघ्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।”
लॉन्च कार्यक्रम में संस्थान के बोर्ड का अनावरण, समर्पित वेब पेज का शुभारंभ, विशेषज्ञ टीम का परिचय और मरीजों की कहानियों की प्रस्तुति भी शामिल रही, जो सकरा की विश्वास, पारदर्शिता और मरीज-प्रथम देखभाल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस पहल के साथ सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल ने बेंगलुरु के ऑन्कोलॉजी परिदृश्य को और सशक्त किया है और गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं परिणाम-उन्मुख कैंसर देखभाल प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया है।






