

जयपुर, दिव्यराष्ट्र/मशहूर मॉडल से योगाचार्य की भूमिका निभा रही पलक सिंघल का मानना है कि योग को किसी धर्म से जुड़ा होना बोलना या बताना गलत है जबकि योग और मेडिटेशन तो जीवन जीने की साधना और कौशल है। जयपुर लिट्रेचर फेस्टीवल में दिव्यराष्ट्र से चर्चा करते हुए जयपुर में ही जन्मी पलक सिंघल का कहना है हर व्यक्ति को योग और मेडिटेशन की आदत डालनी होगी खासकर आज के युवाओं को योग हमें स्वस्थ एवं आनंददाई जीवन जीने का रास्ता तो दिखाता ही है साथ ही अवसाद, तनाव, चिड़चिड़ापन से भी मुक्ति दिलाता है।पलक सिंघलने बताया कि उनका परिवार मार्बल व्यवसाय से जुड़ा हुआ है और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जयपुर के सोफिया स्कूल से करने के बाद विधि स्नातक कियाकानून की छात्रा होने के साथ ही प्रारम्भ में मॉडल के रूप में अपनी पहचान बनाई। टी सीरीज के गाने ने अच्छी प्रसिद्धि भी दिलाई। लेजा, लेजा रे* पलक सिंघलका कहना है युवाओं को नियमित योग करने की आदत डालनी होगी। विवाह हरियाणा के प्रियांक शर्मा से होने के बाद ससुराल की व्यस्तता के बाद भी योग और मेडिटेशन को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाने में कोई दिक्कत नहीं आई। उनका कहना है योग धार्मिक क्रिया नहीं वैज्ञानिक आधार है इसे धर्म से जुड़ा होना बताना गलत है हमारे जितने भी महापुरुष हुए है सभी ने योग और मेडिटेशन को महत्व दिया है।पलक सिंघलने बताया कि वह नियमित रूप से अनेक लोगों को ऑनलाइन और ऑफ लाइन योग प्रशिक्षण देती है प्रारंभ में लोगों को योग के प्रति समझाना एक चेलेंज था लेकिन अब लोग खुद ही जुड़ रहे है। वे अभी अष्टांग योग पर विशेष ध्यान दें रही है।




