पूर्वी भारत के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी (बीजीयू) ने बिरला स्कूल ऑफ लॉ में शैक्षणिक सत्रारंभ समारोह 2026 का आयोजन कर बीबीए एलएल.बी. (ऑनर्स) 2026–31 तथा एलएल.एम. 2026–27 पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति बिजय कुमार नायक थे, जबकि खैतान एंड कंपनी के प्रधान सहयोगी (प्रिंसिपल एसोसिएट) श्री दिव्यांश जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. कुलभूषण बलूनी, बिरला स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रो. (डॉ.) सुकांत के. नंदा, कुलसचिव श्री तन्मय कुमार पटनायक, संकाय सदस्य, पूर्व छात्र, कर्मचारी एवं विद्यार्थी भी उपस्थित थे।
अपने संबोधन में माननीय न्यायमूर्ति बिजय कुमार नायक ने कहा, “विधि के क्षेत्र में संभावनाओं की कोई सीमा नहीं है। एक सफल अधिवक्ता बनने के लिए केवल कानून का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि ईमानदारी, मजबूत नैतिक मूल्य और विषय की गहरी समझ भी उतनी ही आवश्यक है।”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री दिव्यांश जोशी ने कहा, “विद्यार्थी जीवन जैसा वातावरण आपको आगे शायद ही कहीं मिलेगा, जहाँ प्रश्न पूछने को प्रोत्साहित किया जाता है और गलतियों को सीखने का अवसर माना जाता है। आलोचनात्मक सोच विकसित करें, बारीकी से अवलोकन करें और अपने सहपाठियों, शिक्षकों तथा अपने आसपास की दुनिया से निरंतर सीखते रहें। अपने विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग करें।”
नवप्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. कुलभूषण बलूनी ने कहा, “पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यापक अध्ययन की आदत विकसित करें। तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सामान्य कार्यों में मानव से आगे निकल सकती हैं, लेकिन आपकी आलोचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता और सूक्ष्म समझ ही आपको विशिष्ट बनाएगी।”
नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए प्रो. (डॉ.) सुकांत के. नंदा, डीन, बिरला स्कूल ऑफ लॉ ने कहा, “एक दूरदर्शी शिक्षण संस्थान के रूप में हम अपने पाठ्यक्रम को उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर अद्यतन करते हैं, ताकि हमारे विद्यार्थी पहले दिन से ही पेशेवर दुनिया के लिए पूरी तरह तैयार हों।”
अपने शुभकामना संदेश में कुलसचिव श्री तन्मय कुमार पटनायक ने कहा, “आज के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी दौर में सफलता स्पष्ट लक्ष्य, रणनीतिक योजना, अनुशासन, निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और मजबूत नैतिक मूल्यों से प्राप्त होती है। याद रखें, उत्कृष्टता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।”
कार्यक्रम का समापन बिरला स्कूल ऑफ लॉ की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मिताश्री त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
शैक्षणिक सत्रारंभ समारोह के माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों का औपचारिक रूप से बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी परिवार में स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, मूल्यों और उत्कृष्टता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से परिचित कराया गया। साथ ही, विद्यार्थियों को संकाय सदस्यों, उद्योग विशेषज्ञों तथा पूर्व छात्रों के साथ संवाद का अवसर भी मिला, जिसने उनके लिए एक प्रेरणादायक शैक्षणिक अनुभव और सफल पेशेवर जीवन की मजबूत नींव रखी।