
शासन, पुलिसिंग और उद्योग जगत की महिला नेताओं ने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं के नेतृत्व और भागीदारी को सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श किया
संबलपुर, 8 मार्च, 2026: भारत के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में से एक भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) संबलपुर ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया, जिसमें शासन, पुलिस, कॉर्पोरेट CSR और शिक्षाविद् क्षेत्र से महिला नेताओं को एक साथ लाया गया। इस अवसर पर उन्होंने नेतृत्व, निर्णय-निर्माण और 2047 तक एक अधिक समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संस्थान ने “विकसित भारत @2047 के लिए महिला नेतृत्व की भूमिका” विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में प्रो. महादेव जायसवाल, निदेशक, IIM संबलपुर, सुश्री अंशु प्रज्ञान दास, OFS-I, डीएफओ, हीराकुद वन्यजीव प्रभाग, संबलपुर, सुश्री कोमल गर्ग, IPS, सुश्री अरुणा मरांडी, CSR प्रमुख, TPWODL तथा सुश्री हरमीत सेहरा, CSR प्रमुख, वेदांता लिमिटेड उपस्थित रहीं।
सभा को संबोधित करते हुए प्रो. महादेव जायसवाल, निदेशक, IIM संबलपुर ने कहा, “2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दो स्तंभ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं— कॉर्पोरेट नेतृत्व, शासन और शिक्षा में महिलाओं की अधिक भागीदारी तथा जमीनी स्तर पर मजबूत उद्यमिता। IIM संबलपुर में हम इन दोनों दिशाओं में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। आज जब हम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहे हैं, तब हमारे संकाय सदस्य और शोधार्थी पिछले छह महीनों से एक शोध परियोजना पर भी कार्य कर रहे हैं, जिसमें World Economic Forum की Global Gender Gap Report 2025 के आधार पर महिलाओं की भागीदारी की स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक गतिविधियों में कम भागीदारी, शिक्षा प्राप्ति में असमानता, स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच और राजनीतिक सशक्तिकरण में कम भागीदारी के कारण भारत 148 देशों में से 131वें स्थान पर रहा है।”
पैनल चर्चा का संचालन करते हुए सुश्री हरमीत सेहरा, CSR प्रमुख, वेदांता लिमिटेड ने कहा, “महिलाओं को अपनी क्षमता पर विश्वास करना चाहिए और सशक्तिकरण की अपनी यात्रा में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। साथ ही समाज को पुरुषों के बीच लैंगिक संवेदनशीलता विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि एक समावेशी और सुरक्षित वातावरण का निर्माण हो सके।”
पैनल चर्चा में इस बात पर विचार किया गया कि महिला नेता किस प्रकार शासन, सतत विकास, सामुदायिक विकास और कॉर्पोरेट उत्तरदायित्व में योगदान दे रही हैं। पैनलिस्टों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव, सामने आई चुनौतियों, समाज में लैंगिक विविधता के महत्व तथा नेतृत्व भूमिकाओं में महिलाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की रणनीतियों को साझा किया। यह सत्र छात्रों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के लिए भी विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तन ला रही महिला नेताओं के साथ संवाद करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना।
IIM संबलपुर प्रबंधन शिक्षा और नेतृत्व विकास में लैंगिक समावेशन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहा है। संस्थान ने अपने MBA कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रवेश नीति से संबंधित कई पहलें शुरू की हैं और समान अवसर को प्रोत्साहित करता है। इसके साथ ही मास्टर वीवर्स प्रोग्राम जैसे विभिन्न मेंटरशिप कार्यक्रमों के माध्यम से महिला उद्यमियों को समर्थन प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त इक्वल अपॉर्च्युनिटी सेल जैसे संस्थागत तंत्र एक सुरक्षित और समावेशी वातावरण सुनिश्चित करते हैं, जहाँ महिलाएँ सीख सकती हैं, नेतृत्व कर सकती हैं और सफल करियर का निर्माण कर सकती हैं।





