नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ वॉलमार्ट ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में वॉलमार्ट ग्रोथ समिट के दूसरे संस्करण इंडिया 2026 का आयोजन किया। इस आयोजन के जरिए निर्यात के लिए तैयार उद्यमों, एमएसएमई, डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स, डी2सी विक्रेताओं और सप्लाई चेन भागीदारों को एक मंच पर लाया गया है, ताकि वे देश और विदेश दोनों बाजारों में विकास के नए अवसरों को तलाश सकें।
भारत से अब तक 40 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के उत्पादों की सोर्सिंग करने और वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के जरिए 1.15 लाख से अधिक उद्यमियों को सशक्त बनाने के बाद, इस समिट में भारत के निर्यात इकोसिस्टम को और मजबूत करने तथा अधिक से अधिक भारतीय व्यवसायों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की वॉलमार्ट की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
वॉलमार्ट इंक के प्रेसिडेंट एवं सीईओ जॉन फर्नर ने कहा, ‘आज के वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारत सबसे ज्यादा गतिशील अवसरों का प्रतिनिधित्व करता है।हमने अब तक भारत से 40 अरब डॉलर से ज्यादा के उत्पादों की सोर्सिंग की है और उद्यमियों को मजबूत करने एवं सप्लायर्स की क्षमता बढ़ाने, नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने, गुणवत्तापूर्ण मानक स्थापित करने और मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं। इससे भारतीय कंपनियों को निर्यात के लिए तैयार करने में मदद मिली है। इससे व्यापक आर्थिक अवसर बन रहे हैं और इनोवेटिव कंपनियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का मौका मिल रहा है।’
भारत में एमएसएमई के विकास के मामले में उल्लेखनीय पड़ाव पार करते हुए वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम ने आज बताया कि 2019 में अपनी लॉन्चिंग के बाद से अब तक इसने देशभर में 1,15,000 से ज्यादा एमएसएमई को प्रशिक्षित किया है, उन्हें डिजिटल क्षमताओं से लैस किया है, जरूरी कारोबारी कौशल सिखाए हैं और नए बाजारों तक पहुंचने में मदद की है। 2028 तक कुल 1,70,000 एमएसएमई का समर्थन करने की योजना के साथ यह प्रोग्राम लगातार ऐसे एमएसएमई को मजबूत कर रहा है, जो नए बाजारों में निर्यात करने की महत्वाकांक्षा रखते हैं।
फ्लिपकार्ट ग्रुप के ग्रुप सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘फ्लिपकार्ट ग्रुप में हमने इस बात को व्यक्तिगत रूप से अनुभव किया है कि कैसे टेक्नोलॉजी और डिजिटल कॉमर्स से पूरे भारत में लाखों छोटे कारोबारियों, उद्यमियों, कारीगरों और स्थानीय समुदायों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। फ्लिपकार्ट समर्थ और वॉलमार्ट वृद्धि जैसी पहलों के माध्यम से हम क्षमता निर्माण करने, बाजार तक पहुंच बेहतर करने और कंपनियों के लिए वैश्विक एवं घरेलू बाजार में विकास के रास्ते खोलने में मदद कर रहे हैं। हम लगातार समावेशी व्यवस्था बनाने और भारत में कॉमर्स इकोसिस्टम को सशक्त करने पर फोकस कर रहे हैं।’