
जयपुर में एक ही स्थान पर 4फरवरी को होगा मानव-प्रतिरूप और सीपीआर अभ्यास
जयपुर। दिव्यराष्ट्र*कोविड 19 के बाद देशों भर में अचानक हृदयाघात (सडन कार्डियक अरेस्ट) के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसमें युवाओं की संख्या अधिक है। ऐसी परिस्थितियों में समय पर दिया गया कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) कई जिंदगियां बचा सकता है। इसी उद्देश्य से सीपीआर के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए 4 फरवरी को जयपुर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें दो गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा किया जा रहा है। यह जानकारी रविवार को जैन सीपीआर के निदेशक डॉ. वीके जैन एवं समाज सेवी मनमोहन अग्रवाल ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि
यह कार्यक्रम 4 फरवरी को प्रातः 10 बजे जयपुर के नेवटा स्थित सेंट जेवियर्स कैंपस में आयोजित होगा। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में एक ही स्थान पर सबसे अधिक लोगों द्वारा सीपीआर अभ्यास तथा मानव प्रतिरूप (ह्यूमन मैनिकिन) पर सर्वाधिक अभ्यास कर दो विश्व रिकॉर्ड बनाए जाएंगे। इसमें 5 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं और आमजन भाग लेकर सीपीआर का अभ्यास करेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन जयपुर वर्ल्ड रिकॉर्ड कार्निवल के फाउंडर और सात गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक मनमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में किया जा रहा है। अग्रवाल ने बताया कि देशभर में ‘सीपीआर डॉक्टर ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विवेक जैन के मार्गदर्शन में यह आयोजन होगा। डॉ. जैन वर्षों से अपनी निजी प्रैक्टिस छोड़कर जन-आंदोलन के रूप में नि:शुल्क सीपीआर प्रशिक्षण दे रहे हैं और अब तक लाखों लोगों को प्रशिक्षित कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य स्कूलों में सीपीआर को अनिवार्य जीवन कौशल के रूप में लागू कराने की मांग को और मजबूती देना है, ताकि हर नागरिक आपात स्थिति में जीवनरक्षक की भूमिका निभा सके।
सीपीआर बने अनिवार्य जीवन कौशल*
आयोजकों का कहना है कि यह पहल केवल रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सीपीआर को एक आवश्यक जीवन कौशल के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
डॉ. विवेक जैन ने कहा कि अचानक हृदयाघात कहीं भी, कभी भी हो सकता है। ऐसे में आम नागरिक द्वारा तुरंत दिया गया सीपीआर किसी की जान बचा सकता है। यह विश्व रिकॉर्ड हर नागरिक को जीवनरक्षक बनाने का संकल्प है। इस अवसर पर जैन सीपीआर की जयपुर सेंटर प्रभारी गुंजन पुरोहित ने बताया कि उनका सेंटर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को सीपीआर प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रहा है और पाठ्यक्रम के रूप में भी युवाओं को जानकारी दी जा रही है।






