
बसंत पंचमी, जिसे वसंत पंचमी भी कहा जाता है, भारत में वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और इसे बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है । पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी सरस्वती का जन्म माघ मास की शुक्ल पंचमी को हुआ था इसलिए यह सरस्वती प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाता है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली वसंत पंचमी न केवल ऋतुराज बसंत के स्वागत का पर्व है, बल्कि यह दिन ज्ञान, कला और विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
वसंत पंचमी को शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए भी अत्यंत मंगलकारी माना जाता है, जैसे विद्यारंभ संस्कार, विवाह से जुड़े कार्य, गृह प्रवेश आदि। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से अज्ञान, आलस्य और नकारात्मकता का नाश होता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जब ज्ञान प्राप्त होता है और मौसम में बदलाव आता है तो स्फूर्ति और कार्य क्षमता में वृद्धि होती है और आलस्य का त्याग भी होता हैं।
बसंत पंचमी के दिन वसंत ऋतु का आगमन होता है, जो भारतीय संस्कृति में एक नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। पश्चिम बंगाल में वसंत पंचमी को सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है, पंजाब में, यह त्योहार पतंग उड़ाने के साथ मनाया जाता है, जो इस मौसम की स्वतंत्रता और आनंद का प्रतीक है। वसंत पंचमी वसंत ऋतु की सुंदरता और ज्ञान एवं विद्या के महत्व का उत्सव है। यह वसंत ऋतु द्वारा लाई गई नई शुरुआत का जश्न मनाने और सफलता एवं समृद्धि के लिए देवी सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने का समय है। अपने जीवंत उत्सवों और समृद्ध परंपराओं के माध्यम से, वसंत पंचमी नवीनीकरण और विकास की भावना का सच्चा प्रतीक है। ज्ञान की देवी सरस्वती का पूजन कर कार्य की शुरुआत होती हैं, जीवन में ज्ञान से ही अंधकार को दूर किया जा सकता हैं इसीलिए माता सरस्वती का पूजन सभी को करना चाहिए और हमेशा कुछ नया सीखने की ललक रखनी चाहिए जिससे अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश जलाया जा सके यह दीपक न केवल स्वयं तक बल्कि किसी गरीब को शिक्षित कर उसको प्रकाशवान बनाने का ध्येय भी रखना चाहिए। जीवन में जब अंधकार के बादल छटते है तो रोशनी की किरण का उदय होता हैं यही सच है कि बिना सरस्वती के आशीर्वाद के व्यक्ति निखर नहीं सकता, कानून, चिकित्सा, यूनानी सभी प्रकार का ज्ञान केवल पढ़ने से होगा और बिना सरस्वती का आशीर्वाद ज्ञान असंभव है।





