
जयपुर, दिव्यराष्ट्र*/ नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट मल्टी-डिसिप्लिनरी चिकित्सा पद्धति और विशेषज्ञ टीमवर्क का परिचय देते हुए 75 वर्षीय महिला मरीज को सफलतापूर्वक जीवन रक्षक उपचार प्रदान किया। मरीज रीढ़ (स्पाइन) की गंभीर समस्या के कारण अस्पताल में सर्जरी के लिए आई थीं।
प्री-ऑपरेटिव जांच के दौरान अस्पताल की टीम ने पाया कि मरीज के हृदय का वाल्व अत्यधिक संकुचित (Aortic Valve Stenosis) हो चुका है, जो सर्जरी के दौरान गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी, डॉ. अंशु काबरा ने मरीज की विस्तृत जांच कर ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) प्रक्रिया की सलाह दी।
लगभग 30 मिनट तक चली इस अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और अब वे पूरी तरह से स्थिर हैं तथा स्पाइन सर्जरी के लिए फिट घोषित कर दी गई हैं।
इस अवसर पर डॉ. अंशु काबरा, अतिरिक्त निदेशक, कार्डियोलॉजी, ने कहा,
“मरीज की उम्र और हृदय की स्थिति को देखते हुए पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी जोखिमपूर्ण थी। TAVI एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प साबित हुआ। हमारी प्राथमिकता मरीज की समग्र सुरक्षा और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना है। समय पर सही निर्णय और टीमवर्क से हम जटिल मामलों में भी उत्कृष्ट परिणाम दे पा रहे हैं।”
क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. प्रदीप कुमार गोयल ने कहा,
“यह मामला दर्शाता है कि नारायणा हॉस्पिटल में विभिन्न विशेषज्ञताओं की टीम मिलकर मरीज के लिए सर्वोत्तम उपचार योजना तैयार करती है। हमारी मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच के कारण ही हम जटिल परिस्थितियों में भी सुरक्षित और सफल उपचार प्रदान कर पा रहे हैं।”
फैसिलिटी डायरेक्टर बलवींदर सिंह वालिया ने कहा,
“नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर में अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध है। हमारा उद्देश्य मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। यह सफल प्रक्रिया हमारी प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं का प्रमाण है।”
यह सफलता न केवल उन्नत हृदय चिकित्सा सुविधाओं को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि नारायणा हेल्थ की इकाई नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर में समन्वित और विशेषज्ञ देखभाल के माध्यम से जटिल मामलों का प्रभावी समाधान संभव है।




