ऑटो रिटेल, सरकार एवं ओईएम नेतृत्व ने हरित और समावेशी मोबिलिटी परिवर्तन की दिशा तय की
नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाड़ा) ने नई दिल्ली स्थित ली मेरिडियन होटल में व्यापार दिल्ली के तृतीय संस्करण और 22वें व्यापार कॉन्क्लेव का राष्ट्रीय स्तर पर सफल आयोजन किया। “व्यापार दिल्ली – बदलती दिल्ली” की थीम पर आयोजित इस उच्चस्तरीय उद्योग मंच में 200 से अधिक ऑटोमोबाइल डीलरों, वरिष्ठ नीति निर्माताओं, ओईएम नेतृत्व, वित्तीय संस्थानों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ऑटोमोबाइल रिटेल एवं मोबिलिटी के भविष्य पर गहन विचार विमर्श करना था। इस कॉन्क्लेव की शोभा सुश्री रेखा गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार, ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। उन्होंने दिल्ली की आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, सड़क सुरक्षा तथा पर्यावरणीय परिवर्तन में ऑटोमोबाइल रिटेल क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
नीति, अनुपालन और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस पर केंद्रित संवाद
व्यापार दिल्ली 2026 में नीति केंद्रित सत्रों और फायरसाइड चर्चाओं के माध्यम से राजधानी में ऑटोमोबाइल डीलरों के समक्ष उपस्थित प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:
*लंबे समय से लंबित कंपनसेशन सेस का मुद्दा**
कंपनसेशन सेस पर एक समर्पित तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डीलरों को कानूनी स्पष्टता प्रदान करते हुए आगे की रणनीति पर प्रकाश डाला गया, ताकि उनके वैध वित्तीय क्रेडिट की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
‘बदलती दिल्ली’: यात्री मोबिलिटी की नई परिकल्पना
कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण पैनल चर्चा रही —
“बदलती दिल्ली: भारत की राजधानी में यात्री मोबिलिटी की पुनर्कल्पना”। इस चर्चा में जेएसडब्ल्यू मोटर्स, वोल्वो कार इंडिया, होंडा कार्स इंडिया, बीवाईडी इंडिया और निसान मोटर इंडिया सहित प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माताओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। पैनल में उपभोक्ताओं की बदलती अपेक्षाओं, विद्युतीकरण के मार्ग, उत्पाद रणनीतियों और भारत के मोबिलिटी परिवर्तन में डीलरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
सुश्री रेखा गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार ने कहा: “हम ‘स्वच्छ दिल्ली, हरित दिल्ली और स्मार्ट दिल्ली’ के मिशन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। हमारी सरकार ने देश की सबसे व्यापक इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लागू की है, जिसके अंतर्गत अगले चार वर्षों में ₹4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से सब्सिडी, कर छूट और स्क्रैपेज प्रोत्साहन देकर हरित मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदूषण को जड़ से समाप्त करने हेतु हम परिवहन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं—मेट्रो विस्तार और स्वचालित फिटनेस केंद्रों की स्थापना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दिल्ली की सड़कों पर चलने वाला हर वाहन फिट और उत्सर्जन मुक्त हो।
2047 तक ‘विकसित भारत’ का सपना तभी साकार होगा जब ‘विकसित दिल्ली’ बनेगी। मैं ऑटोमोबाइल डीलरों से आह्वान करती हूँ कि वे स्वच्छ ऊर्जा की ओर नागरिकों को प्रेरित करने में सरकार के ‘कार्यशील हाथ’ बनें। हम पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल और दक्ष बना रहे हैं ताकि दिल्लीवासियों को विश्व स्तरीय, पर्यावरण अनुकूल अनुभव मिल सके। मिलकर हम दिल्ली को सतत शहरी जीवन का प्रतीक बनाएँगे।”
सी. एस. विग्नेश्वर, अध्यक्ष, फाड़ा ने दिल्ली के परिवर्तन के लिए संतुलित और समावेशी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा: “दिल्ली केवल अपनी सड़कों पर ही नहीं, बल्कि अपने संकल्पों में भी निरंतर आगे बढ़ रही है। फाड़ा का मानना है कि ऑटोमोबाइल डीलरों को इस परिवर्तन का पूर्ण भागीदार होना चाहिए। हम हरित भविष्य और मसौदा ईवी नीति का पूर्ण समर्थन करते हैं, किंतु यह भी आवश्यक है कि इस बदलाव में दिल्ली के ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़े 17,500 प्रशिक्षित पेशेवरों की आजीविका सुरक्षित रहे।
हमारी ‘बदलती दिल्ली’ की परिकल्पना वह है, जहाँ सक्षम बनाना, दंडात्मक कार्रवाई से पहले हो; जहाँ आर्थिक विकास, सड़क सुरक्षा—जैसे सीपीआर प्रशिक्षण एवं ‘बकल अप’ अभियान—और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ साथ आगे बढ़ें।”
उन्होंने नीति निर्माताओं के साथ सतत संवाद, फाड़ा अकादमी, जेन एक्स एवं वूमन इन फाड़ा के माध्यम से नेतृत्व विकास तथा कंपनसेशन सेस से जुड़े कानूनी प्रयासों को भी दोहराया।
कॉन्क्लेव में एआई आधारित डीलरशिप परिवर्तन, भविष्य सक्षम रिटेल प्रथाओं पर सत्र तथा प्रमुख वित्तीय और तकनीकी भागीदारों द्वारा प्रस्तुतियाँ भी शामिल रहीं। पूरे कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा एक प्रमुख विषय के रूप में उभरा, जिसमें फाड़ा ने हेलमेट और सीटबेल्ट जागरूकता, ज़िम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार तथा डीलरशिप स्तर पर कम सीपीआर एवं फर्स्ट रिस्पॉन्स प्रशिक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
श्री शैलेन्द्र लूथरा, चेयरपर्सन, फाड़ा दिल्ली ने कहा: “आज का यह आयोजन बदलती दिल्ली और विकसित होते ऑटो रिटेल व्यापार को दर्शाता है। यह क्षेत्र पाँच वर्ष पूर्व की तुलना में पूरी तरह रूपांतरित हो चुका है। मार्च 2026 तक दिल्ली में वाहन बिक्री में 17% की वृद्धि दर्ज की गई है, और वार्षिक नए वाहन पंजीकरण लगभग 8 लाख यूनिट तक पहुँच चुके हैं।
550 डीलरशिप आउटलेट्स के साथ यह उद्योग 55,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है और मोटर वाहन कर एवं जीएसटी के माध्यम से दिल्ली की अर्थव्यवस्था में लगभग ₹7,150 करोड़ का योगदान दे रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर अब भारत में बहस नहीं, बल्कि वास्तविक स्वीकार्यता दिखाई दे रही है—विशेष रूप से इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों और दो पहिया ईवीमें 62% की वृद्धि इसके प्रमाण हैं। फाड़ा ने दिल्ली सरकार को अपने खर्च पर 150 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही ITI में स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और वाहन स्क्रैपेज केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा गया है। हम केवल वाहन नहीं बेच रहे—हम भविष्य की मोबिलिटी को आकार दे रहे हैं।”
व्यापार दिल्ली 2026 ने नीति निर्माण में रचनात्मक भागीदार के रूप में फाड़ा की भूमिका, पर्यावरणीय लक्ष्यों के समर्थन, सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा आजीविकाओं की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया—यह सुनिश्चित करते हुए कि जैसे जैसे दिल्ली आगे बढ़े, उसकी मोबिलिटी इकोसिस्टम भी जिम्मेदारी और समावेशिता के साथ विकसित हो।