जेईसीआरसी में स्पोर्ट्स लीडरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन, कृष्णा पूनिया सहित कई दिग्गज रहे मौजूद
जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में “उत्कर्ष – स्पोर्ट्स लीडरशिप कॉन्क्लेव” का आयोजन किया गया, जिसमें खेल, शिक्षा और नेतृत्व के समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने “डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स एंड मैनेजमेंट” कोर्स शुरू करने की जानकारी दी। यह कोर्स उन छात्रों के लिए उपयोगी रहेगा, जो खेल के क्षेत्र में प्रोफेशनल करियर बनाना चाहते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत जेईसीआरसी के वाइस चांसलर प्रो. विक्टर गंभीर के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत अब शिक्षा के साथ खेल और योग को भी जोड़ा जा रहा है, ताकि छात्रों का समग्र विकास हो सके। विश्वविद्यालय में इसी दिशा में खेल और योग से जुड़े क्रेडिट कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्य अतिथि, कॉमनवेल्थ खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि खेलों की राह आसान नहीं होती, लेकिन मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने युवाओं को खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेल मानसिक तनाव को कम करने में भी मददगार होते हैं।
पूर्व एथलीट राम सिंह शेखावत ने कहा कि देश में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है उसे पहचानने और सही दिशा देने की। उन्होंने युवाओं को मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रजत जांगिड़ ने खेलों के वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित खेल गतिविधियों से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्राव होता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होती है। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए सही उपचार और कोच व डॉक्टर के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया।
योगाचार्य नीरज ने कहा कि योग तनाव और चिंता को दूर करने का प्रभावी माध्यम है और इसे हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए “डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स एंड मैनेजमेंट” कोर्स की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से छात्रों को खेल प्रबंधन, फिटनेस, लीडरशिप और स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी। यह कोर्स छात्रों को खेल के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा और उन्हें प्रोफेशनल रूप से आगे बढ़ने में मदद करेगा।
कॉन्क्लेव ने छात्रों को यह संदेश दिया कि खेल अब केवल शौक नहीं, बल्कि एक मजबूत करियर विकल्प बनता जा रहा है।