मुंबई, दिव्यराष्ट्र: टाटा के ब्रांड कैरेटलेन ने अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर पेश किए दो नए कलेक्शन ‘काशिका’ और ‘लहर’ ! अलग-अलग प्रेरणाओं पर आधारित इन दो कलेक्शंस को कैरेटलेन की आधुनिक डिज़ाइन शैली ने एक सूत्र में पिरोया है। ब्रांड एम्बेसडर यामी गौतम धर, कैरेटलेन के विभिन्न विजुअल्स में इन शानदार आभूषणों की शोभा बढ़ाती नज़र आ रही हैं।
कैरेटलेन का ‘काशिका’ कलेक्शन प्राचीन नगरी ‘काशी’ की अलौकिक आभा से प्रेरित है, जिसे आज हम वाराणसी के रूप में जानते हैं। प्रत्येक डिज़ाइन शहर की अद्वितीय वास्तुकला, उसकी शाश्वत चमक, और भव्य मंदिरों के वैभव को बड़ी ही खूबसूरती से जीवंत करता है। 14 कैरेट स्वर्ण और प्राकृतिक हीरों से तराशे गए ये ‘मोटिफ्स’ और ‘टेक्सचर्स’ काशी की समृद्ध विरासत को एक आधुनिक नज़रिए से परिभाषित करते हैं जो इन आभूषणों को ‘वियरेबल आर्ट’ (पहनने योग्य कला) का एक बेजोड़ नमूना बनाते हैं।
सागर की लहरों से प्रेरित ‘लहर’ कलेक्शन 14 कैरेट गोल्ड में जड़े असली हीरो और ‘ब्लू टोपाज’ के साथ बेहद खूबसूरती से साकार किया गया है। ये डिज़ाइन्स लहरों की लय और आधुनिक कारीगरी का एक अद्भुत संगम हैं, जो कोमल घुमावों और ‘लेयर्ड फॉर्म्स’ के ज़रिए व्यक्त होते हैं। इस कलेक्शन का हर आभूषण वर्सटाइल और सहज है, जो रोज़ाना की स्टाइल में चार चाँद लगाने के साथ-साथ अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान भी रखता है। सौमेन भौमिक, मैनेजिंग डायरेक्टर,कैरेटलेन ने कहा,“काशिका’ के माध्यम से हमारा प्रयास काशी की भव्य स्थापत्य कला और उसकी कालजयी विरासत से प्रेरित होकर भारतीय संस्कृति की समृद्धि को सम्मानित करना है। वहीं दूसरी ओर, ‘लहर’ कलेक्शन लहरों की निरंतर बदलती लय और प्रवाह को दर्शाता है, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे डिज़ाइन्स उभर कर आए हैं जो हल्के, आधुनिक, और अत्यंत प्रभावशाली हैं। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पेश किए गए ये दोनों कलेक्शंस आधुनिकीकरण के प्रति हमारे निरंतर दृष्टिकोण का प्रतीक हैं जहाँ हमने पारंपरिक प्रेरणाओं को नए स्वरूप में ढालकर ऐसे आभूषण तैयार किए हैं जो आज के ग्राहकों के लिए प्रासंगिक, बहुमुखी, और सहजता से पहनने योग्य हैं।”