दिव्यराष्ट्र, मुंबई: न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड, भारत की प्रमुख निर्माण सामग्री कंपनियों में से एक ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए।
न्युवोको ने इस साल सीमेंट कारोबार में दस साल पूरे कर लिए हैं। वर्ष 2014 में निम्बोल में 2.3 एमएमटीपीए सीमेंट उत्पादन क्षमता वाली सिंगल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से शुरू हुआ सफर आज एक विविधीकृत निर्माण सामग्री कंपनी के रूप में विकसित हो चुका है। कंपनी अब सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और आधुनिक निर्माण सामग्री के क्षेत्रों में कारोबार कर रही है। कंपनी ने बाजार के विभिन्न उतार-चढ़ाव के बीच अपनी विकास यात्रा को बनाए रखा है। अब वह वित्त वर्ष 2028 तक सीमेंट उत्पादन क्षमता 35 एमएमटीपीए तक पहुंचाने की मजबूत स्थिति में है। यह पिछले एक दशक में लगभग 15 गुना वृद्धि होगी।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में 4.7 एमएमटी सीमेंट बिक्री मात्रा हासिल की, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 9% अधिक है। दूसरी तिमाही में समेकित राजस्व सालाना आधार पर 13.5% बढ़कर 2,790 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी ने इस अवधि में एबिटिडा में भी 11% की सालाना वृद्धि दर्ज की, जो बढ़कर 411 करोड़ रुपए पहुंच गया।
स्थिरता और लागत दक्षता की दिशा में कंपनी ने राजस्थान में 46.4 मेगावाट की पवन-सौर हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए क्लीनमैक्स के साथ साझेदारी की है। परियोजना के चालू होने के बाद इससे हर साल लगभग 10 करोड़ यूनिट रिन्यूएबल बिजली पैदा होने की उम्मीद है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और लंबे समय तक बिजली की लागत को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे कंपनी के एनर्जी मिक्स को मजबूती मिलेगी और राजस्थान में उसके परिचालन की लॉन्गटर्म लागत दक्षता में सुधार होगा।
कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए जयकुमार कृष्णास्वामी, प्रबंध निदेशक, न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड ने कहा कि “वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों के बावजूद हमारी मजबूत कार्यान्वयन क्षमता का प्रमाण रही। हमारे प्रमुख बाजारों में तेज और अनियमित बारिश, वैश्विक एवं क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में व्यवधान तथा जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बढ़ी हुई इनपुट लागत के बावजूद कंपनी ने राजस्व, एबिटिडा और कर के बाद मुनाफे (पीएटी) में सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि दर्ज की। हमारा प्रदर्शन प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने और भौगोलिक बाजारों के मिक्स को बेहतर बनाने की रणनीतियों की मजबूती को दर्शाता है। इन रणनीतियों से सीमेंट की कीमतों में सीमित तेजी के बावजूद बिक्री से प्राप्त होने वाली राशि को बेहतर बनाए रखने में मदद मिली।”
उन्होंने आगे कहा कि “तिमाही के दौरान कंपनी ने सूरत के लिमला में 2 एमएमटीपीए क्षमता वाली ग्राइंडिंग इकाई सफलतापूर्वक शुरू करके विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। यह हमारी परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने की मजबूत क्षमता को दर्शाता है। इस उपलब्धि से कच्छ और सचाना में वदराज सीमेंट परियोजना के शेष चरणों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का हमारा भरोसा और मजबूत हुआ है। आगे बढ़ते हुए, हम बदलती व्यापक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर नजर रखते हुए परिचालन उत्कृष्टता, प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने, सप्लाई चेन की दक्षता में सुधार करने और अपनी विकास परियोजनाओं को निर्धारित योजना के अनुसार पूरा करने पर ध्यान केंद्रित रखेंगे।”