समय पर जांच और इलाज पर दिया जोर
ग्रेटर नोएडा, दिव्यराष्ट्र:/ नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (नीम्मस) के त्वचा रोग विभाग द्वारा विश्व विटिलिगो दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विटिलिगो (सफेद दाग) के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़े भ्रम और गलत धारणाओं को दूर करना तथा समय पर जांच और इलाज के महत्व को समझाना था।
कार्यक्रम का आयोजन नीम्मस के चेयरमैन डॉ. देवेश कुमार सिंह, डायरेक्टर डॉ. एस. एन. गुप्ता, डॉ. (ब्रिगेडियर) रंजीत गुलियानी, एमएस, नीम्मस और डीन डॉ. मनीषा जिंदल के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव, प्रोफेसर एवं प्रमुख, त्वचा रोग विभाग, नीम्मस के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। सत्र का संचालन डॉ. मेहक गुप्ता और डॉ. सुषमा ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्रमुख, फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, इंटर्न और मेडिकल छात्रों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि विटिलिगो एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली त्वचा मेंमेलानोसाइट्स को प्रभावित करती है, जिसके कारण त्वचा पर सफेद धब्बे दिखाई देने लगते हैं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि विटिलिगो कोई संक्रामक बीमारी नहीं है और इसे लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं और भेदभाव को दूर करने की जरूरत है।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि त्वचा पर सफेद धब्बे दिखाई देने पर तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। शुरुआती चरण में इलाज शुरू करने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है, नए धब्बों को बनने से नियंत्रित किया जा सकता है और त्वचा के सामान्य रंग को वापस लाने की संभावना बेहतर होती है। समय पर इलाज से मरीजों में होने वाले मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी और सामाजिक परेशानी को भी कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज , ग्रेटर नोएडा की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुजा राव ने “विटिलिगो की जांच और इलाज में नई तकनीकें” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने बीमारी की पहचान, आधुनिक जांच प्रक्रिया और उपचार के नए तरीकों की जानकारी साझा की। इसके बाद नीम्मस के त्वचा रोग विभाग की पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉ. अजरा ने विटिलिगो के आधुनिक उपचार विकल्पों और मरीजों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार इलाज के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विटिलिगो की देखभाल और उपचार से जुड़ी नई जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। नीम्मस के त्वचा रोग विभाग ने त्वचा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, विटिलिगो से जुड़े सामाजिक भ्रम को दूर करने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।