स्टूडेंट्स को मिलेगा इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप और प्रोफेशनल ट्रेनिंग का अवसर
जयपुर,लक्ष्मणगढ़ (दिव्य राष्ट्र)/ उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (PRCI) जयपुर चैप्टर एवं मोदी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, लक्ष्मणगढ़ के मध्य एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को जनसंपर्क, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, मीडिया एवं लीडरशिप के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग से सीधे जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराना है।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में मोदी यूनिवर्सिटी की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. विनोद पुरोहित, प्रोफेसर डॉ. आशुतोष भारद्वाज, प्रेसिडेंट सीए संजीव अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट तथा पीआरओ डॉ. राजीव सिंह उपस्थित रहे। वहीं पीआरसीआई जयपुर चैप्टर का प्रतिनिधित्व चेयरमैन सोमेन्द्र हर्ष, वाइस चेयरपर्सन अंशु हर्ष, सचिव सनी कुलश्रेष्ठ तथा सहसचिव (एमओयू एवं पार्टनरशिप) राहुल बाबू कोडाली ने किया।
एमओयू के तहत स्टूडेंट्स के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान, कॉर्पोरेट इंटरैक्शन, मीडिया सेशन, कार्यशालाएँ, सेमिनार, इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम, प्रोफेशनल नेटवर्किंग तथा विभिन्न स्किल डेवलपमेंट गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाएगा। इससे युवाओं को उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने तथा रोजगारोन्मुखी कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
रजिस्ट्रार डॉ. विनोद पुरोहित ने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ उद्योग की व्यावहारिक समझ प्रदान करेगी, जिससे उनके करियर विकास को नई गति मिलेगी। पीआरसीआई जयपुर चैप्टर के चेयरमैन सोमेन्द्र हर्ष ने कहा कि पीआरसीआई का उद्देश्य शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना तथा नई पीढ़ी को जनसंपर्क एवं संचार के क्षेत्र में सक्षम नेतृत्व के रूप में तैयार करना है। यह एमओयू उसी सोच का परिणाम है।
सचिव सनी कुलश्रेष्ठ ने बताया कि दोनों संस्थाएं समय-समय पर संयुक्त कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी, जिनमें विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों से संवाद, व्यावहारिक प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के अवसर प्राप्त होंगे। सहसचिव (एमओयू एवं पार्टनरशिप) राहुल बाबू कोडाली ने कहा कि यह समझौता शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग का एक प्रभावी मॉडल बनेगा तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। दोनों संस्थानों ने भविष्य में नवाचार, ज्ञान के आदान-प्रदान, शोध, प्रोफेशनल उत्कृष्टता एवं समाज हित से जुड़े संयुक्त कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।