
(टैरो कार्ड रीडर और न्यूमरोलॉजिस्ट)
14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि जीवन में नए आरंभ, सकारात्मक ऊर्जा और प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है। मकर संक्रांति वह समय है जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण की शुरुआत होती है। इसे अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की यात्रा माना जाता है, इसलिए इस दिन किए गए शुभ कर्म विशेष फल देते हैं।
भारतीय संस्कृति में मकर संक्रांति को पुण्य, दान और आत्मशुद्धि का पर्व कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय भी बड़े लाभ देते हैं। आइए जानते हैं मकर संक्रांति पर किए जाने वाले तीन सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय, जो जीवन में सुख, शांति और सफलता ला सकते हैं।
1. सूर्य देव को अर्घ्य देना
मकर संक्रांति की सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय जल में लाल फूल या थोड़े चावल मिला सकते हैं। सूर्य देव को ऊर्जा, आत्मबल और स्वास्थ्य का कारक माना जाता है। इस उपाय से स्वास्थ्य में सुधार, मान-सम्मान की प्राप्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो मानसिक तनाव या कार्य में रुकावट महसूस कर रहे हैं।
2. तिल और गुड़ का दान व सेवन
मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का विशेष महत्व है। इस दिन तिल-गुड़ का दान अवश्य करें और स्वयं भी इसका सेवन करें। तिल को शनि से और गुड़ को सूर्य से जोड़ा जाता है। यह उपाय ग्रह दोषों की शांति, रिश्तों में मिठास और आर्थिक बाधाओं को दूर करने में सहायक माना जाता है। साथ ही, यह आपसी मतभेदों को कम कर सकारात्मकता बढ़ाता है।
3. पवित्र स्नान और संकल्प
इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि यह संभव न हो, तो घर पर स्नान करते समय जल में गंगाजल अवश्य मिलाएं। स्नान के बाद मन में अच्छे विचारों के साथ नए कार्यों का संकल्प लें। ऐसा करने से पाप शुद्धि, मानसिक शांति और नए कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
मकर संक्रांति 2026 आत्मशुद्धि, सकारात्मक सोच और नए अवसरों का पर्व है। इन तीन सरल उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन में स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि और संतुलन ला सकते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि छोटे-छोटे शुभ कर्म भी जीवन की दिशा बदल सकते हैं।






