• स्मार्ट हाइड्रोलिक तकनीक से खेती के काम में बढ़ेगी सटीकता और उत्पादकता
जयपुर, दिव्यराष्ट्र: भारत में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर बेचने वाली कंपनी महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने आज स्मार्ट लिफ्ट तकनीक से लैस महिंद्रा 475 एमएस एक्सपी प्लस और 575 Dएमएस एक्सपी प्लस ट्रैक्टर पेश किए। इस तकनीक का उद्देश्य खेती के काम को आसान बनाना, समय और मेहनत बचाना तथा किसानों की उत्पादकता बढ़ाना है।
स्मार्ट लिफ्ट एक हाइड्रोलिक तकनीक है, जो खेत में काम करते समय किसानों की कई आम परेशानियों को दूर करने में मदद करती है। अक्सर कृषि उपकरणों को मिट्टी में एकसमान गहराई तक चलाना मुश्किल होता है। इसके लिए ट्रैक्टर के हाइड्रोलिक लीवर को बार-बार बदलना पड़ता है। खेत में मोड़ लेते समय भी परेशानी होती है और चालक को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। स्मार्ट लिफ्ट तकनीक उपकरणों की तय गहराई को अपने आप बनाए रखती है। इससे पूरे खेत में एकसमान और सटीक तरीके से काम करना आसान होता है।
महिंद्रा 475 एमएस एक्सपी प्लस और 575 एमएस एक्सपी प्लस ट्रैक्टरों में हेवी-ड्यूटी ट्रांसकेस दिया गया है। इसे भारी काम के दौरान भी बेहतर मजबूती और भरोसेमंद प्रदर्शन के लिए तैयार किया गया है। लगातार भारी काम करने पर यह घिसावट कम करने में भी मदद करता है, जिससे ट्रैक्टर लंबे समय तक बेहतर तरीके से काम कर सकता है।
स्मार्ट लिफ्ट तकनीक से किसान खेत में कृषि उपकरणों को एकसमान गहराई पर चला सकते हैं। इससे बीज बोने के लिए खेत तैयार करना आसान होता है और मिट्टी की सतह भी बराबर रहती है। हाइड्रोलिक लीवर को बार-बार बदलने की जरूरत कम होने से चालक की थकान घटती है। साथ ही, काम ज्यादा सटीक और एकसमान होने से समय और ईंधन बचाने में भी मदद मिल सकती है।
स्मार्ट लिफ्ट के साथ महिंद्रा अपनी उस परंपरा को आगे बढ़ा रही है, जिसके तहत कंपनी किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर मजबूत और बेहतर प्रदर्शन वाले ट्रैक्टर पेश करती रही है। महिंद्रा 475 डीआई एमएस एक्सपी प्लस और 575 एमएस एक्सपी प्लस में दी गई यह तकनीक खेती के काम को आसान बनाने के साथ ट्रैक्टर की उपयोगिता और काम करने की क्षमता को भी बेहतर बनाती है। इससे किसानों को कम मेहनत में बेहतर परिणाम पाने में मदद मिल सकती है।
स्मार्ट लिफ्ट के जरिए महिंद्रा रोजमर्रा की खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इससे किसानों को अलग-अलग कृषि कार्यों में ज्यादा सुविधा मिलेगी और वे खेत में काम को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकेंगे।