पति बाल विवाह से मुकरा तो ‘सारथी’ ने दिए सबूत*। कोर्ट ने किया बाल विवाह निरस्त
जोधपुर, दिव्यराष्ट्र:/ महज 9 साल की उम्र में बाल विवाह की बेड़ियों में जकड़ने के बाद करीब एक दशक तक सितम झेलने के बाद बालिका वधु सीमा ने आखिरकार बाल विवाह मुक्ति की जंग जीत ली। सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ. कृति भारती के संबल से सीमा का बाल विवाह निरस्त हो गया। जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या-2 के न्यायाधीश वरुण तलवार ने बाल विवाह के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए सीमा के बाल विवाह निरस्त का ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट के फैसले के बाद सीमा और उसके परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
सारथी का संबल बना सहारा, सवा साल पहले कोर्ट में दस्तक
वर्तमान में करीब 20 वर्षीय सीमा का बाल विवाह समाज के दबाव में वर्ष 2015 में जिले के एक ग्रामीण इलाके में हुआ था। उस समय उसकी उम्र करीब 9 साल थी। सीमा ने बड़ी होने पर बाल विवाह के बंधन को नकार दिया। इस बीच में सीमा को सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी और चाइल्ड एंड वूमेन राइट्स एडवोकेट डॉ. कृति भारती की बाल विवाह निरस्तीकरण मुहिम की जानकारी मिली। करीब सवा साल पहले डॉ.कृति की मदद से सीमा ने पारिवारिक न्यायालय संख्या-2 में बाल विवाह निरस्तीकरण के लिए वाद दायर किया।
नाटकीय मोड़: लड़का बाल विवाह से मुकरा
न्यायालय की सुनवाई के दौरान मामला उस समय नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया, जब सीमा के तथाकथित पति ने बाल विवाह होने से ही इंकार कर दिया। ऐसे में सारथी ट्रस्ट की डॉ. कृति भारती ने सीमा की ओर से पैरवी करते हुए बाल विवाह से जुड़े कई दस्तावेजी साक्ष्य और पुख्ता सबूत जुटाकर न्यायालय में पेश किए। साथ ही सीमा की आयु और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रमाण सहित रखा, जिससे पूरा सच अदालत के सामने उजागर हो गया।
फैमिली कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बाल विवाह साबित, तुरंत निरस्त किया
पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 के न्यायाधीश वरुण तलवार ने प्रस्तुत साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए और लड़के के बार-बार बदलते बयानों को भ्रामक करार देते हुए सीमा के बाल विवाह को निरस्त करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने के लिए समाज की मानसिकता में बदलाव जरूरी है।
डॉ.कृति ने 55 बाल विवाह निरस्त कराए, 2200 से अधिक रोके
उल्लेखनीय है कि सारथी ट्रस्ट की डॉ. कृति भारती ने देश का पहला बाल विवाह निरस्त करवाया था। अब तक 55 बाल विवाह निरस्त करवा चुकी हैं और 2200 से अधिक बाल विवाह रोक चुकी हैं। उनकी इस मुहिम को वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, एशिया बुक और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। सीबीएसई ने उनकी मुहिम को कक्षा 11 के कोर्स में शामिल किया। डॉ.कृति को मारवाड-मेवाड रत्न, यूएसए की टेफ्ड मैगजीन की वर्ल्ड टॉप टेन एक्टिविस्ट सूची व बीबीसी की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान मिल चुके हैं।
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इनका कहना है
अब मैं भविष्य संवारुंगी”
“बाल विवाह की बेडियां मुझे कभी मंजूर नहीं थी। डॉ. कृति दीदी की मदद से मैंने हिम्मत जुटाई और आज मैं आजाद हूं। अब अपना भविष्य संवारूंगी।”
— सीमा, बाल विवाह से मुक्त युवती
“यह सही मायने में सच्चाई की जीत है। हर शिक्षित को बाल विवाह को विरोध करना चाहिए। अब सीमा के बेहतरीन पुनर्वास के प्रयास किए जा रहे हैं।
— डॉ. कृति भारती, पुनर्वास मनोवैज्ञानिक एवं मैनेजिंग ट्रस्टी, सारथी ट्रस्ट