
जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ ज्ञान को क्लासरूम की चारदीवारी से निकालकर समाज के चेहरे पर असली खुशी लाते और नवाचार से जोड़ते हुए, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी ने 30 फ़ीट लंबा और 200 किलो वज़न का ‘वॉलनट बनाना ब्रेड’ तैयार कर ‘सबसे लंबा व सबसे भारी ब्रेड’ का एक नया कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास किया है।
इस अनोखे प्रयास को आधिकारिक पहचान दिलाने के लिए ‘इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ की टीम मौजूद रही, जिसने तय मानकों के आधार पर इस काम का बारीकी से निरीक्षण किया और इसे ग्लोबल लेवल पर दर्ज करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
अखरोट, पके हुए केले और अन्य सामग्रियों से बनी यह विशाल ब्रेड सिर्फ एक रिकॉर्ड बनाने की कोशिश ही नहीं है; बल्कि इसके ज़रिए छात्रों ने बड़े स्तर पर इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन की बारीकियों को समझा और एक रियल-लाइफ अनुभव हासिल किया।
इस कार्यक्रम का सबसे खूबसूरत हिस्सा इसका सामाजिक पहलू रहा, जिसने इस रिकॉर्ड को सही मायने में सफल बनाया। जेईसीआरसी की सोशल पहल “ज़रूरत” के तहत, इस विशाल ब्रेड को वंचित और ज़रूरतमंद बच्चों के बीच बांटा गया।
पहल को शिक्षा, हुनर और समाज सेवा का एक बेहतरीन उदाहरण बताते हुए, धीमंत अग्रवाल (डायरेक्टर, डिजिटल स्ट्रेटेजीज़, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी) ने स्पष्ट किया कि ऐसे आयोजन स्टूडेंट्स के तकनीकी कौशल को निखारने के साथ उन्हें उनके सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति भी जागरूक करते हैं।
इस कार्यक्रम में एस.एल. अग्रवाल (रजिस्ट्रार- जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी), डॉ. मनीष श्रीवास्तव (डीन- स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी), प्रो. सपना शर्मा (डीन- इंस्टिट्यूशनल सोशल रेस्पोंसिबिलिटी) डॉ. अंशुल गर्ग (एचओडी- स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी), डॉ. मंदीप कुमार और नितेश चितारा के साथ शेफ़ रिकी, शेफ़ सोयल और शेफ़ नीरज मौजूद रहे।





