
• एडवांस्ड ईडीए लैब से सीखेंगे आधुनिक चिप डिज़ाइन, राज्य बनेगा सेमीकंडक्टर टैलेंट हब
जयपुर। दिव्यराष्ट्र/ भारत सरकार के ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को आगे बढ़ाते हुए, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने ट्रूचिप के साथ मिलकर राजस्थान का पहला ‘बी.टेक. इन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी और चिप डिज़ाइन’ प्रोग्राम शुरू किया है। यह प्रोग्राम भारत सरकार के 76,000 करोड़ रुपये के ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के अनुरूप तैयार किया गया है।
साथ ही, यह डिग्री प्रोग्राम 13 मार्च 2026 को जारी राजस्थान राज्य की ‘सेमीकंडक्टर पॉलिसी’ के उद्देश्यों को भी सशक्त रूप से आगे बढ़ाता है। इसमें सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन का आधुनिक पाठ्यक्रम एक प्रतिष्ठित इंडस्ट्री पार्टनर ट्रूचिप के सहयोग से विकसित किया गया है, जिससे छात्रों को इंडस्ट्री के अनुरूप स्किल्स मिल सकें।
ट्रूचिप एक वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनी है, जिसकी भारत, अमेरिका और वियतनाम सहित कई देशों में मजबूत उपस्थिति है। इस साझेदारी का उद्देश्य छात्रों को सीधे तौर पर इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करना है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
चार वर्ष के इस बी.टेक. प्रोग्राम में ट्रूचिप के अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा 13 से अधिक विषयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, छात्रों को प्रैक्टिकल अनुभव देने के लिए अत्याधुनिक लैब्स, वर्कशॉप्स, हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसी दिशा में यूनिवर्सिटी में एक एडवांस्ड ‘इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन’ (ईडीए) लैब भी स्थापित की जा रही है, जहाँ छात्र ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में उपयोग होने वाले लेटेस्ट चिप डिजाइन और वेरिफिकेशन टूल्स पर काम करेंगे।
इस पहल के साथ जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी राज्य में इस तरह का प्रोग्राम शुरू करने वाला पहला संस्थान बन गया है। यह कदम न केवल तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।
जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. विक्टर गंभीर ने कहा कि यह प्रोग्राम पढ़ाई और इंडस्ट्री के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में एक अहम कदम है। “आज के समय में सिर्फ थ्योरी से काम नहीं चलता, इसलिए हम चाहते हैं कि हमारे स्टूडेंट्स शुरुआत से ही प्रैक्टिकल सीखें और इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी पर काम करें। इस प्रोग्राम के जरिए उन्हें वही माहौल मिलेगा, जो आगे चलकर उन्हें जॉब और करियर में काम आएगा।
उन्होंने आगे कहा कि सेमीकंडक्टर फील्ड तेजी से बढ़ रही है और इसमें बहुत ज्यादा मौके हैं। ऐसे में अगर स्टूडेंट्स को सही समय पर सही ट्रेनिंग मिले, तो वे न सिर्फ अपने लिए अच्छा करियर बना सकते हैं, बल्कि देश के टेक्नोलॉजी सेक्टर को भी मजबूत बना सकते हैं।
प्रो. गंभीर ने यह भी कहा कि जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का लक्ष्य है कि यहां से निकलने वाले स्टूडेंट्स पूरी तरह इंडस्ट्री-रेडी हों और आत्मविश्वास के साथ ग्लोबल लेवल पर काम कर सकें। हमें पूरा विश्वास है कि यह पहल राजस्थान को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगी और इसे एक मजबूत टैलेंट हब बनाएगी।”
यूनिवर्सिटी का यह प्रोग्राम सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कुशल और योग्य युवाओं की मजबूत टीम तैयार करेगा, जिससे राजस्थान देश का अग्रणी ‘सेमीकंडक्टर टैलेंट हब’ बन सकेगा।






