23 प्रतिभागियों के साथ पहले बैच की शुरुआत
90 घंटे के इस प्रोग्राम में शैक्षणिक विशेषज्ञता, उद्योग आधारित शिक्षा और लैब ग्रोन डायमंड टेक्नोलॉजी का विशेष व्यावहारिक अनुभव शामिल है
चेन्नई, दिव्यराष्ट्र: भारतीय रत्न एवं आभूषण संस्थान (आईआईजीजे) और आईआईटी मद्रास स्थित ‘इंडिया सेंटर फॉर लैब ग्रोन डायमंड्स’ (इनसेंट एलजीडी) ने ‘लैब ग्रोन डायमंड टेक्नोलॉजी’ में अपने ग्लोबल सर्टिफिकेट कोर्स का पहला बैच शुरू कर दिया है। यह कदम विशेष प्रतिभाओं को तैयार करने और तेज़ी से विकसित हो रहे लैब ग्रोन डायमंड (एलजीडी) क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रायोजित रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के सहयोग से शुरू किए गए इस प्रोग्राम के पहले बैच में 23 प्रतिभागी शामिल हैं। 19 अक्टूबर 2026 को हुए वर्चुअल उद्घाटन के बाद, 21 अक्टूबर 2026 से कक्षाएं शुरू हो गईं।
जीजेईपीसी के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने इस पहल पर अपनी टिप्पणी में कहा, “भारत के लैब ग्रोन डायमंड उद्योग के तेज़ विकास के मद्देनज़र इसके दीर्घकालिक विकास के लिए ऐसे कुशल कार्यबल का निर्माण करना आवश्यक है, जिसे इस टेक्नोलॉजी की गहरी समझ हो। जीजेईपीसी, इस पहल के ज़रिये शैक्षणिक विशेषज्ञता, वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्योग की व्यावहारिक ज़रूरतों को साथ लाकर, इस क्षेत्र के प्रतिभा परितंत्र का विस्तार करना चाहता है। यह विशेष शिक्षा के अवसर पैदा करने और पेशेवरों को वह ज्ञान और तकनीकी क्षमता प्रदान करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है, जो वैश्विक लैब ग्रोन डायमंड क्षेत्र में भारत की बढ़ती उपस्थिति के समर्थन के लिए आवश्यक है।”
90 घंटे के इस व्यापक सर्टिफिकेट कोर्स में शैक्षणिक ज्ञान, वैज्ञानिक विशेषज्ञता और उद्योग के दृष्टिकोण को शामिल किया गया है, ताकि प्रतिभागियों को लैब ग्रोन डायमंड टेक्नोलॉजी का विशेष ज्ञान मिल सके। इस प्रोग्राम में आईआईजीजे द्वारा आयोजित 30 घंटे के लाइव ऑनलाइन सत्र, आईआईटी मद्रास के इनसेंट एलजीडी द्वारा 48 घंटे की पढ़ाई, और आईआईटी मद्रास की लैब ग्रोन डायमंड प्रयोगशाला में 12 घंटे का व्यावहारिक कैंपस अनुभव शामिल है।
इस प्रोग्राम में छात्र आईआईटी मद्रास के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ-साथ एक्सएलआरआई, इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद (इरमा), लंदन बिजनेस स्कूल, आईआईएम अहमदाबाद, एमडीआई गुड़गांव और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी जैसे प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों की विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे।
आईआईजेजी के मुख्य कार्यकारी, देबाशीष बिस्वास ने कहा, “आईआईटी मद्रास में इनसेंट एलजीडी के साथ हमारा गठजोड़, तेज़ी से विकसित हो रहे लैब-ग्रोन डायमंड (एलजीडी) क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी प्रगति और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच के अंतर को कम करता है। हम इस बैच के ज़रिये इस पहल का विस्तार करने और भारत के विस्तृत होते एलजीडी उद्योग के लिए मजबूत प्रतिभा विकास परितंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
यह पहल आईआईजेजी की उद्योग-केंद्रित शैक्षणिक विशेषज्ञता और आईआईटी मद्रास में इनसेंट एलजीडी की शोध क्षमताओं को साथ ला रही है। इसमें भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के विकास के लिए जीजेईपीसी का सहयोग भी शामिल है। इस प्रोग्राम के तहत विशेष शिक्षा और तकनीकी ज्ञान तक पहुंच प्रदान कर कुशल प्रतिभा पूल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जो तकनीकी प्रगति और लैब-ग्रोन डायमंड उद्योग की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने में समर्थ हो।
‘ग्लोबल सर्टिफिकेट इन लैब ग्रोन डायमंड टेक्नोलॉजी’ का अगला बैच जनवरी 2027 की शुरुआत में आरंभ होगा। अगले बैचों के जरिए इस पहल का विस्तार और विशेष शिक्षा तथा प्रतिभा विकास के और अधिक अवसर पैदा होने की आशा है।