
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ नई तकनीकों के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ इनोवेशन नहीं, बल्कि बेहतर गवर्नेंस, आसान जीवन और जिम्मेदार विकास का जरिया बन रहा है। एआई का सही उपयोग तभी संभव है, जब तकनीक बनाने वाले, उसे लागू करने वाले और उसके नियम तय करने वाले एक साथ संवाद करें। इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए भारत एक बड़े वैश्विक मंच की मेज़बानी करने जा रहा है।
भारत 16 से 20 फरवरी, 2026 के बीच नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 आयोजित करेगा। यह समिट दुनिया भर के एआई लीडर्स, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के दिग्गजों को एक मंच पर लाएगी। यहाँ एआई के विकास, उसके बड़े पैमाने पर उपयोग और इससे जुड़े नियमों व नैतिक जिम्मेदारियों पर खुलकर चर्चा होगी।
समिट में गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई, एनवीडिया के संस्थापक और सीईओ जेंसन हुआंग, गूगल डीपमाइंड के सह-संस्थापक और सीईओ डेमिस हसाबिस, माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट और वाइस चेयर ब्रैड स्मिथ, इन्फोसिस के सह-संस्थापक और चेयरमैन नंदन नीलेकणी, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर फेई-फेई ली, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी और भारती एंटरप्राइज़ेज़ के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल जैसे ग्लोबल लीडर्स शामिल होंगे।
इसके साथ ही क्वालकॉम, एंथ्रोपिक, क्लाउडफ्लेयर, एरिक्सन, एनएक्सपी सेमीकंडक्टर, ज़स्केलर, पालो अल्टो नेटवर्क्स, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, आईबीएम, सर्विसनाउ, सिस्को, मेटा के वरिष्ठ अधिकारी, भारत के प्रमुख बिज़नेस लीडर्स और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम व गेट्स फाउंडेशन जैसे वैश्विक संगठनों के प्रतिनिधि भी इस समिट में अपनी भागीदारी दर्ज कराएँगे।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की खासियत यह है कि यह तकनीक, नीति और समाज, तीनों को जोड़ते हुए एआई के जिम्मेदार, नैतिक और जन-कल्याणकारी उपयोग को लेकर वैश्विक दिशा तय करने का प्रयास करेगी।




