लौट रहा है मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल
मेघालय सरकार का प्रमुख महोत्सव अनानास किसानों का करेगा सम्मान, मज़बूत करेगा बाज़ार से जुड़ाव और राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शित करेगा मेघालय के विश्वप्रसिद्ध अनानासों की अनूठी पहचान
नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर मेघालय के विश्वप्रसिद्ध अनानासों की बेमिसाल मिठास का स्वाद चखने के लिए तैयार है। मेघालय सरकार 10 से 12 जुलाई, 2026 तक नई दिल्ली के दिल्ली हाट में मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल के चौथे संस्करण का आयोजन करने जा रही है। यह महोत्सव केवल भारत के श्रेष्ठ फलों में से एक का उत्सव नहीं है, बल्कि उन हजारों अनानास किसानों को समर्पित है, जिनकी मेहनत, दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता ने मेघालय को देश के अग्रणी प्रीमियम गुणवत्ता वाले अनानास उत्पादक राज्यों में स्थापित किया है।
मेघालय सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित यह महोत्सव किसानों को सीधे उपभोक्ताओं, खुदरा विक्रेताओं, संस्थागत खरीदारों, खाद्य उद्योग और निर्यात बाज़ारों से जोड़ने वाला राज्य का प्रमुख मंच बन चुका है। इस पहल के केंद्र में मेघालय सरकार की समेकित कृषि मूल्य श्रृंखला (इंटीग्रेटेड एग्रीकल्चरल वैल्यू चेन) विकसित करने की प्रतिबद्धता है। उत्पादन, संग्रहण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, लॉजिस्टिक्स, रिटेल साझेदारियों और निर्यात तक पूरी श्रृंखला को सुदृढ़ कर सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि खेती से उत्पन्न होने वाला अधिकतम मूल्य सीधे किसानों तक पहुँचे।
यह महोत्सव माननीय मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में कृषि को सतत आर्थिक विकास का सशक्त आधार बनाने की मेघालय सरकार की व्यापक सोच को भी प्रतिबिंबित करता है। विजन@2032 के माध्यम से राज्य बेहतर बाज़ार अवसरों का सृजन, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बना रहा है। इसी दिशा में ₹295 करोड़ की मेघालय स्टेट ऑर्गेनिक मिशन पहल वर्ष 2028 तक एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र को प्रमाणित जैविक खेती के दायरे में लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इससे 90,000 से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा तथा 600 से अधिक सहकारी समितियों और उत्पादक समूहों को सशक्त बनाया जाएगा। अनानास इस मिशन की प्राथमिक बागवानी फसलों में शामिल है।
अपनी असाधारण मिठास, कम अम्लता और लगभग 16–18° ब्रिक्स वैल्यू के कारण मेघालय के अनानास देश के सबसे मीठे अनानासों में गिने जाते हैं और भारत ही नहीं, विदेशों में भी उपभोक्ताओं की पहली पसंद बन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इनकी बढ़ती पहचान का प्रमाण दुबई और संयुक्त अरब अमीरात स्थित लुलु हाइपरमार्केट्स को होने वाला निर्यात है। इस दिशा में जिरांग ऑर्गेनिक एग्रो एफपीओ जैसे किसान उत्पादक संगठन मेघालय के किसानों को वैश्विक उपभोक्ताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
महोत्सव की बढ़ती लोकप्रियता मेघालय के अनानासों की लगातार बढ़ती मांग को भी दर्शाती है। वर्ष 2023 में महोत्सव के दौरान जहाँ 7.7 मीट्रिक टन ताज़े अनानासों की बिक्री हुई थी, वहीं वर्ष 2025 में यह बढ़कर 15.4 मीट्रिक टन हो गई—अर्थात मात्र दो वर्षों में बिक्री दोगुनी हो गई। इन आँकड़ों से आगे बढ़कर यह महोत्सव किसानों के लिए दीर्घकालिक बाज़ार अवसरों का सशक्त माध्यम बन चुका है। इसके माध्यम से किसान समूहों ने रिलायंस फ्रेश, अमेज़न करिगर, सफ़ल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और ब्लू टोकेई कॉफी रोस्टर्स जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ साझेदारियाँ स्थापित की हैं, जिससे किसानों की आय अधिक सुदृढ़ और टिकाऊ बनी है।
महोत्सव का चौथा संस्करण इस सफलता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेकर आ रहा है। 10 जुलाई को आयोजित उद्घाटन समारोह में केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य अतिथि तथा मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समारोह में अनानास किसानों एवं उद्यमियों के साथ संवाद, मेघालय के अनानासों पर आधारित विशेष फिल्म का प्रदर्शन, किसानों के लिए बाज़ार पहुँच को और मज़बूत करने हेतु फ्लिपकार्ट तथा नेशनल ई-मार्केट्स लिमिटेड (नेमल) के साथ रणनीतिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर, तथा “मेघालय पाइनएप्पल: ए फोर-एडिशन जर्नी” नामक स्मारक प्रकाशन का लोकार्पण किया जाएगा, जो वर्ष 2023 से इस महोत्सव की उल्लेखनीय यात्रा को दर्शाता है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में दिल्ली हाट आने वाले आगंतुक सीधे किसान समूहों से ताज़े मेघालयी अनानास खरीद सकेंगे, देश के सबसे मीठे अनानासों का स्वाद ले सकेंगे, अनानास से बने विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पादों को देख और खरीद सकेंगे, किसानों एवं उद्यमियों से संवाद कर सकेंगे तथा मेघालय की समृद्ध कृषि और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
मेघालय के स्वाद के साथ-साथ आगंतुकों को राज्य की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का भी अनुभव मिलेगा। मुख्यमंत्री मेघालय ग्रासरूट्स म्यूज़िक प्रोग्राम (एमजीएमपी) के कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से महोत्सव को संगीत और संस्कृति के रंगों से सराबोर करेंगे, जिससे यह आयोजन कृषि, संगीत और सामुदायिक सहभागिता का एक अनूठा उत्सव बन जाएगा। मेघालय सरकार उपभोक्ताओं, खुदरा विक्रेताओं, उद्योग जगत, उद्यमियों और दिल्लीवासियों को 10 से 12 जुलाई, 2026 तक इस विशेष उत्सव का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करती है और उन्हें यह जानने का अवसर देती है कि किस प्रकार मेघालय अपने किसानों को सशक्त बनाते हुए अपनी उत्कृष्ट कृषि उपज, समृद्ध संस्कृति और रचनात्मकता को पूरे देश तक पहुँचा रहा है।