मुंबई, दिव्यराष्ट्र/ री-सस्टेनेबिलिटी की सामाजिक एवं पर्यावरणीय प्रभाव पहल रेज़िलिएंस एक्शंस ने ईकोहब.इन नामक एक स्टेबिलिटी-केंद्रित इनक्यूबेटर लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य जलवायु एवं क्लीन-टेक, प्रदूषण प्रबंधन, संसाधन दक्षता, सर्कुलर इकोनॉमी तथा सतत नवाचार के क्षेत्र में कार्यरत शुरुआती चरण के उद्यमों को समर्थन प्रदान करना है। यह पहल उन स्टार्टअप्स के लिए तैयार की गई है जो आइडिएशन चरण से आगे बढ़ चुके हैं और व्यावसायिक स्तर पर विस्तार के लिए तैयार हैं। इनके पास कार्यशील मिनिमम वायबल प्रोडक्ट (एमवीपी), समर्पित टीम और स्पष्ट रूप से परिभाषित बाजार अवसर होना आवश्यक है।
मसूद मलिक, प्रबंध निदेशक – समूह सीईओ, री सस्टेनेबिलिटी ने कहा,“भारत का स्थिरता परिवर्तन केवल बुनियादी ढांचे के माध्यम से संचालित नहीं होगा। यह नवाचार, उद्यमिता और उन विचारों को बड़े स्तर पर लागू करने की क्षमता से संचालित होगा जो वास्तविक पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करते हैं। इकोहब.इन के माध्यम से हम एक ऐसा मंच तैयार कर रहे हैं जो नवोन्मेषकों, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं को एक साथ लाकर ऐसे समाधानों को गति देगा जो व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य, पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार और मापनीय प्रभाव देने में सक्षम हों।“
जैसे-जैसे भारत कम-कार्बन, सर्कुलर और लचीली अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नवाचारी स्थिरता समाधानों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। देशभर के उद्यमी पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने वाली नई तकनीकों और कारोबारी मॉडलों का विकास कर रहे हैं, लेकिन मेंटरशिप, गैर-इक्विटी उत्प्रेरक पूंजी, उद्योग साझेदारियों, पायलट अवसरों और व्यवसाय सत्यापन तक सीमित पहुंच के कारण उन्हें विस्तार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ईकोहब.इन की स्थापना इन कमियों को दूर करने और उच्च क्षमता वाले स्थिरता उद्यमों को ऐसे स्के-लेबल व्यवसायों में बदलने के लिए की गई है, जो मापनीय पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव प्रदान कर सकें।