
दिव्यराष्ट्र, जयपुर: आपसी सहयोग के प्रभाव का प्रमाण देते हुए ड्यूश बैंक और अक्षय पात्रा फाउन्डेशन ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की; देश भर में स्कूली बच्चों को 100 मिलियन मिड-डे मील परोसे गए। इस उपलब्धि का जश्न जयपुर में एक विशेष कार्यक्रम के साथ मनाया गया, जहां लाभार्थी बच्चे, शिक्षक, स्वयंसेवी और दोनों संगठनों के प्रतिनिधी एक मंच पर इकट्ठा हुआ, इस मंच पर एक साझा दृष्टिकोण को सम्मानित किया गया- कि भूख कभी भी शिक्षा में रूकावट नहीं बननी चाहिए।
यह उपलब्धि क्लासरूम में भूख की समस्या को हल करने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने में संस्थागत साझेदारी की बदलावकारी भूमिका को दर्शाती है। अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से ड्यूश बैंक कई सालों से अक्षय पात्रा के स्कूल लंच मील प्रोग्राम को सहयोग प्रदान कर रहा है। इस साझेदारी के तहत भारत सरकार की पीएम पोषण योजना के अनुरूप हाइजीनिक एवं सेहतमंद भोजन बनाने और इसके वितरण में सहयोग प्रदान किया जाता है। लगातार पोषक आहार की उपलब्धता को सुनिश्चित कर इस साझेदारी ने बच्चों के शारीरिक कल्याण को बढ़ाया है तथा लर्निंग एवं सामाजिक समावेशन के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है।
इस अवसर पर कौशिक शपारिया, सीईओ- ड्यूश बैंक ग्रुप इंडिया एंड एमर्जिंग एशिया ने कहा, ‘‘ड्यूश बैंक में हमारा मानना है कि समाज पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के लिए आपसी सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि आपसी सहयोग से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है। ज़रूरतमंद बच्चों को दिया गया हर भोजन उन्हें गरिमा, अवसर और उम्मीद की किरण देता है। अक्षय पात्रा के साथ मिलकर हम ऐसे भविष्य का निर्माण करने की दिशा में अग्रसर हैं जहां भूख के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा में रूकावट न आ सके।’’
श्रीधर वेंकट, सीईओ, अक्षय पात्रा फाउन्डेशन ने कहा, ‘‘यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि आपसी सहयोग बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। ड्यूश बैंक के सतत सहयोग से हमने अपने संचालन को सशक्त बनाया है, तथा यह सुनिश्चित किया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों तक रोज़ाना पोषक और सेहतमंद भोजन पहुंचे। मैं ड्यूश बैंक और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करना चाहूंगा, जिन्होंने हममें भरोसा दिखाया। यह साझेदारी दर्शाती है कि सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी मॉडल) के द्वारा ऐसी सशक्त प्रणाली का निर्माण किया जा सकता है, जो बड़े पैमाने पर सामाजिक आर्थिक चुनौतियों को हल करने में सक्षम हो।’’
प्रगति के बावजूद क्लासरूम में भूख एवं कुपोषण आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के बच्चों के लिए सबसे बड़ी रूकावट है। पीएम पोषण योजना इन चुनौतियों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ड्यूश बैंक और अक्षय पात्रा के साथ इस तरह की साझेदारियां- राष्ट्रीय प्रयासों के अनुरूप हैं।
दोनों संगठनों ने प्रोग्राम की पहुंच एवं प्रभाव को बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया- तथा सुनिश्चित किया कि ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को पोषण एवं शिक्षा मिले, वे अपनी पूर्ण क्षमता के सदुपयोग के लिए सशक्त बन सकें।




