सत्ता परिवर्तन की परंपरा तोड़ने का “अजेय” प्लान!”
अजय भाजपा के लिए अजेय कुमार की दी कमान
उत्तराखंड में सफल रहा है “अजेय मिशन”
जयपुर, उमेन्द्र दाधीच:/ राजस्थान में भाजपा सरकार चलाने के साथ साथ अब स्थायी राजनीतिक आधार तैयार करने पर भी फोकस कर रही है,,, इस मुहिम में राजस्थान की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने एक ऐसा संगठनात्मक दांव चला है, जिसकी चर्चा सियासी गलियारों में तेजी से हो रही है,,, भाजपा ने उत्तराखंड में संगठन महामंत्री के रूप में सफल कार्यकाल पूरा करने वाले अजेय कुमार को राजस्थान का नया संगठन महामंत्री नियुक्त किया है,,,, राजनीतिक जानकार इस नियुक्ति को महज एक संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा मान रहे हैं,,, इसी बात को ध्यान में रखकर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने राजस्थान भाजपा को ढाई वर्ष बाद प्रदेश संगठन महामंत्री सौंपा है जो अनुभवी चेहरा है।
अजेय भाजपा” का प्लान*
“हाईकमान ने संघ के प्रचारक को राजस्थान भाजपा संगठन महामंत्री की कमान सौंपकर बड़ा सियासी दांव चला है। इस प्लान के जरिए
सत्ता परिवर्तन की परंपरा तोड़ने का “अजेय” प्लान बनाया जाएगा।
फिर से सरकार बनने की तैयारी*
राजस्थान की मरूधरा में सरकार बदलने का ट्रेंड कहे,,,या फिर मिथक पिछले 25 वर्षों से देखने को मिल रहा है,,, बड़े राजनीतिक चेहरों और पार्टियों के चाणक्य और जादूगर भी इसको तोड़ नहीं पाए,,, लेकिन, इस बार भाजपा ने राजस्थान में अजेय भाजपा वाला प्लान तैयार किया है,,, संगठन महामंत्री के रूप में अजेय कुमार की नियुक्ति को उसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है,, उधर नियुक्ति के बाद राजस्थान भाजपा के नेताओं में खुशी की लहर तो है ही,, साथ ही आगामी दिनों में बेहतर संगठन और संगठन के बूथ स्तर पर मजबूती की उम्मीद भी कर रहे है,।भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि अजेय कुमार संगठन निर्माण और कार्यकर्ता आधारित राजनीति के विशेषज्ञ हैं। उनके नेतृत्व में बूथ समितियों का पुनर्गठन, प्रशिक्षण अभियान, सदस्यता विस्तार और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद तेज होगा।इससे पार्टी का जमीनी नेटवर्क और मजबूत बनेगा।जिसका सीधा लाभ आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में मिल सकता है
राजनीतिक गलियारों में चर्चा इसलिए भी आम है क्योंकि उत्तराखंड में भाजपा का अजेय मंत्र दस मार्च 2022 में देखा जा चुका है,राज्य के गठन के बाद से ऐसा पहली बार हुआ,,जब किसी दल ने लगातार दोबारा सरकार बनाई हो,,, उत्तराखंड में पार्टी ने वर्ष 2019 से संगठन महामंत्री के रूप में काम सौंपा जिसके बाद भाजपा ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया,,, कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद, संगठन में अनुशासन और सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया,और फिर इसका असर चुनावी परिणामों में भी दिखाई दिया।,विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव, निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव और सहकारिता चुनावों में भी पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया,,, ऐसे में भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व अब राजस्थान में भी उसी मॉडल को लागू करने के लिए पासा फेंक चुका है,,,
राजस्थान में सरकार बदलने का मिथक टूटेगा?*
उत्तराखंड मॉडल के शिल्पकार अजेय कुमार संभालेंगे मोर्चा
वर्ष 2019 से उत्तराखंड भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में सफल नेतृत्व
बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर कार्यकर्ता आधारित नेटवर्क खड़ा किया
संगठन और सरकार के बीच प्रभावी समन्वय एवं मजबूत फीडबैक सिस्टम विकसित किया
2022 में भाजपा को लगातार दूसरी बार सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई
2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा के शत-प्रतिशत प्रदर्शन में खास रहा योगदान
निकाय, पंचायत और सहकारिता चुनावों में भाजपा को लगातार बड़ी सफलताएं दिलाई
क्या राजस्थान में बनेगा नया राजनीतिक इतिहास?
भविष्य के चुनाव की रणनीति*
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में अजेय कुमार का अनुभव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। भाजपा की यह नियुक्ति साफ संकेत देती है कि पार्टी अब केवल अगले चुनाव की तैयारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि राजस्थान में दीर्घकालिक राजनीतिक आधार तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।पार्टी का लक्ष्य सत्ता में वापसी भर नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में स्थायी पकड़ बनाना है