दिव्यराष्ट्र मुंबई: एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर राजीव कुमार ने 5 अगस्त 2026 को बैंक की 32वीं एजीएम में बैंक की वित्तीय स्थिति, भविष्य की रणनीति और गवर्नेंस को लेकर अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक की बुनियाद मजबूत है और बैंक का फोकस ग्राहक सेवा, टेक्नोलॉजी, डिपॉजिट ग्रोथ और बेहतर एसेट क्वालिटी पर रहेगा।
कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक का पीएटी 10.9 प्रतिशत बढ़कर 74,671.3 करोड़ रुपये रहा। बैंक के एडवांस 12.1 प्रतिशत बढ़कर 29.37 लाख करोड़ रुपये, जबकि डिपॉजिट 14.4 प्रतिशत बढ़कर 31.05 लाख करोड़ रुपये पहुंच गए।
उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन और GenAI को बड़े स्तर पर अपना रहा है। बैंक के इन-हाउस एआई प्लेटफॉर्म Neev के जरिए डिजिटल सेवाओं और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
गवर्नेंस पर राजीव कुमार ने कहा कि बैंक में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी और किसी भी अनैतिक गतिविधि या स्थापित नीतियों के उल्लंघन पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैंक की बैलेंस शीट मजबूत है और सिस्टम स्तर पर कोई गवर्नेंस संबंधी चिंता नहीं है।
राजीव कुमार ने शेयरधारकों, ग्राहकों और कर्मचारियों के भरोसे को बैंक की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि एचडीएफसी बैंक आने वाले वर्षों में और मजबूत कारोबारी प्रदर्शन के लिए तैयार है।