
दिव्यराष्ट्र, जयपुर: इंटीग्रेटेड एनर्जी सॉल्यूशंस प्रदान करने वाली भारत की अग्रणी कंपनी अप्रावा एनर्जी ने सीआईआई फाउंडेशन और सीआईआई सेंटर फॉर वीमेन लीडरशिप (सीडब्ल्यूएल) के साथ मिलकर अपने ‘एम्पावरिंग चैंपियंस ऑफ चेंज’ प्रोग्राम के तहत राजस्थान की 15 अग्रणी महिलाओं की पहचान की है।इस पहल के माध्यम से इन महिलाओं को लीडरशिप ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उनकी क्षमता बढ़ेगी और वे सामाजिक-आर्थिक असमानता को दूर करने के लक्ष्य के साथ जिला स्तर की पहलों का नेतृत्व करने में सक्षम होंगी। कुल मिलाकर इसका उद्देश्य पूरे राज्य में हाशिए पर जी रहे समुदायों के 15,000 से ज्यादा लोगों पर सकारात्मक प्रभाव डालना है।
ये महिलाएं राजस्थान के बारण, झालावाड़, धौलपुर, सवाई माधोपुर, बाड़मेर, जालौर, जैसलमेर, बीकानेर, जयपुर और फलोद जिलों का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनके प्रयास घरेलू हिंसा, आजीविका, पढ़ाई छोड़ देने वाले बच्चों को पुन: स्कूल में प्रवेश दिलाने और प्रौढ़ शिक्षा जैसे विभिन्न सामाजिक समस्याओं का समाधान निकालने पर केंद्रित हैं।
इस पहल को लेकर अप्रावा एनर्जी की चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर दीपा सेबेस्टियन ने कहा, ‘जमीनी स्तर पर कार्यरत ये महिलाएं समावेशी विकास की शक्तिशाली वाहक हैं। राजस्थान में, अप्रावा को इन बदलाव लाने वाली महिलाओं के साथ काम करते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता बढ़ाने और स्थानीय चुनौतियों के लिए समुदाय आधारित समाधान को आगे बढ़ाने पर गर्व है।यह पहल सार्थक सामाजिक प्रभाव सृजित करने और अपने आसपास के समाज में समावेशी विकास को बढ़ावा देने की हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को समर्थन देने वाली है।’
सेंटर फॉर वीमेन लीडरशिप (सीडब्ल्यूएल) की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शिवानी कुमार ने कहा, ‘यह पहल राजस्थान में जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार कर रही है। राजस्थान के वंचित एवं दूरदराज के क्षेत्रों की महिलाओं को सशक्त करते हुए हम मजबूत नेतृत्व की ऐसी पाइपलाइन तैयार करने में मदद कर रहे हैं, जो स्थानीय वास्तविकताओं के आधार पर समाधान सृजित कर सकती हैं और उन समाधानों को लागू भी कर सकती हैं। इससे सतत विकास सुनिश्चित होगा।’
अप्रावा ने 2024 में असम में ‘एम्पावरिंग चैंपियंस ऑफ चेंज’ पहल की शुरुआत की थी। इस पहल का उद्देश्य अपने समुदायों में जमीनी स्तर पर बदलाव का वाहक बनी महिलाओं को चिह्नित एवं प्रशिक्षित करना था। इस प्रोग्राम को अब तक मध्य प्रदेश में भी विस्तार दिया गया है। इस पहल के तहत असम एवं मध्य प्रदेश, दोनों राज्यों से 15-15 महिलाओं ने हाशिए पर जी रहे समुदायों के कुल 30,000 से ज्यादा लोगों पर सकारात्मक प्रभाव डालने का लक्ष्य रखा है।



