जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित विंडहम कल्चर सेंटर का माहौल उस समय भावनाओं, उत्साह और सांस्कृतिक गौरव से भर उठा, जब अभ्युदय की भव्य नाट्य प्रस्तुति ‘महाभारतम’ ने यहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों पर आधारित इस शानदार मंचन ने केवल मनोरंजन ही नहीं किया, बल्कि दर्शकों को अपनी जड़ों से जुड़ने और भारतीय विरासत पर गर्व करने का अवसर भी प्रदान किया। सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि इस भव्य प्रस्तुति को 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों ने जीवंत किया। मंच पर उनके आत्मविश्वास, संवाद अदायगी, भाव-भंगिमाओं और अभिनय कौशल ने यह साबित कर दिया कि समर्पण और मेहनत के सामने उम्र कोई मायने नहीं रखती।
जयपुर के एनआरआई प्रवीण शर्मा ने इसके मंचन में अहम भूमिका निभाई और उन्होंने महाभारतम के जरिए ऑस्ट्रेलिया के लोगों को प्राचीन भारत की समृद्ध संस्कृति से रूबरू कराया। शर्मा ने बताया कि यह केवल एक नाटक नहीं था, बल्कि तीन महीनों से अधिक समय तक चली कड़ी मेहनत, अनुशासन और सामूहिक प्रयासों का परिणाम था। बच्चों ने अपनी पढ़ाई और दैनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ रिहर्सल, संवाद याद करने, वॉयस रिकॉर्डिंग और मंच अभ्यास में अथक परिश्रम किया। इस पूरी यात्रा ने उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और टीम भावना का विकास किया।
अभ्युदय की स्थापना श्रीधर तुम्मलापल्ली, अरुण यारापात्रुनी, सिरिशा तुम्मलापल्ली और रम्या तंगुटुरी ने भारतीय संस्कृति, महाकाव्यों और प्रेरणादायक कथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साझा उद्देश्य के साथ की थी। यह प्रस्तुति संदेश देती हैं कि कला, संस्कृति और कहानी कहने की परंपरा बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के तौर पर पूर्व मेयर प्रदीप तिवारी व डिप्टी मेयर जैस्मिन हिल उपस्थित रहीं। इन्होंने बच्चों की असाधारण प्रतिभा, आयोजकों के समर्पण और भारतीय संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर प्रतिष्ठित सांस्कृतिक हस्ती डॉ. रामा राव ने युवा कलाकारों को प्रेरणा और प्रोत्साहन प्रदान किया। अभ्युदय का ‘महाभारतम’ केवल एक नाटक नहीं, बल्कि भारतीय विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक सशक्त अभियान है।