
2026 में 16,000+ टन घरेलू जौ की खरीद का लक्ष्य
● राजस्थान में छठे बार्ली ग्रोअर्स डे पर 2,000+ जौ किसानों से संवाद
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● राजस्थान के चोमू में आयोजित 6वें बार्ली ग्रोअर्स डे फील्ड ट्रायल, विशेषज्ञ
जयपुर , दिव्यराष्ट्र*एबी इनबेव इंडिया ने आज चोमू, राजस्थान में छठा वार्षिक जौ उत्पादक दिवस मनाया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के शहरी विकास एवं स्वशासन विभाग के माननीय मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा उपस्थित रहे। यह आयोजन कंपनी की अपनी प्रमुख “स्मार्टबार्ली” पहल के माध्यम से भारत के जौ पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।
यह पहल राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 2,000 से अधिक किसानों को सशक्त बनाते हुए सतत कृषि, वैज्ञानिक खेती के तरीकों और मजबूत स्थानीय आपूर्ति शृंखलाओं को बढ़ावा दे रही है। भारत में स्मार्टबार्ली कार्यक्रम ने पिछले एक दशक में अपने तीन प्रमुख स्तंभों — किसान कौशल विकास, डिजिटल कनेक्टिविटी और वित्तीय सशक्तिकरण — के माध्यम से उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं।
इस अवसर पर एबी इनबेव की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर इंग्रिड डी राइक ने कहा,
“स्मार्ट बार्ली इस बात का उदाहरण है कि एबी इनबेव में स्थिरता कैसे ज़मीन पर उतरती है — मजबूत स्थानीय साझेदारी, विज्ञान आधारित कृषि और किसानों की आजीविका के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के माध्यम से। हम अपने किसान भागीदारों के नवाचार को अपनाने और नेतृत्व के लिए आभारी हैं। कौशल, कनेक्टिविटी और पुनर्योजी खेती में निवेश करके हम किसानों को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बना रहे हैं।”
2026 के बार्ली ग्रोअर्स डे संस्करण में किसान, कृषि वैज्ञानिक, शोध विशेषज्ञ, सप्लाई चेन भागीदार और नीति निर्माता एक मंच पर एकत्र हुए। इस कार्यक्रम में तकनीक आधारित और सतत जौ उत्पादन पर विशेष जोर दिया गया, ऐसे समय में जब भारत में माल्ट गुणवत्ता वाले घरेलू जौ की मांग लगातार बढ़ रही है।
एबी इनबेव इंडिया के प्रेसिडेंट कार्तिकेय शर्मा ने कहा,
“एबी इनबेव इंडिया में बेहतरीन बीयर की शुरुआत उच्च गुणवत्ता वाली प्राकृतिक सामग्री से होती है और हमारे किसान इसे संभव बनाते हैं। स्मार्ट बार्ली कार्यक्रम के माध्यम से हम न केवल घरेलू जौ की आपूर्ति मजबूत कर रहे हैं, बल्कि किसानों को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आत्मविश्वास से भरे भविष्य की ओर भी ले जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य खेत से ग्लास तक साझा मूल्य सृजन करना है।”
वैश्विक स्तर पर स्मार्ट बार्ली एबी इनबेव का प्रमुख कृषि कार्यक्रम है, जो विज्ञान आधारित कृषि, पुनर्योजी पद्धतियों, डिजिटल टूल्स और बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से किसानों का समर्थन करता है। भारत में कंपनी 2009 से जौ किसानों के साथ काम कर रही है और स्मार्ट बार्ली फ्रेमवर्क 2016 में औपचारिक रूप से शुरू किया गया।
एबी इनबेव इंडिया के डायरेक्टर – प्रोक्योरमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी अरुण जैकब मैथ्यूज़ ने कहा,
“हम अपने किसान भागीदारों के भरोसे और पुनर्योजी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए धन्यवाद देते हैं। जब किसानों को सही जानकारी और संसाधन मिलते हैं, तो वे भविष्य की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला तैयार करते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हमारे 100% प्रत्यक्ष किसान कुशल, डिजिटल रूप से जुड़े और आर्थिक रूप से सशक्त हों।”
किसानों के कल्याण की दिशा में एबी इनबेव इंडिया राजस्थान में विजनस्प्रिंग फाउंडेशन के सहयोग से दृष्टि देखभाल पहल भी चला रहा है। इस पहल के तहत चोमू के 400+ जौ किसानों की आंखों की जांच और चश्मा वितरण किया गया। शोध से पता चला है कि दृष्टि सुधार से उत्पादकता में 30% तक वृद्धि हो सकती है और कार्यस्थल पर सुरक्षा व आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
स्मार्ट बार्ली कार्यक्रम विज्ञान, डिजिटल टूल्स और बाजार पहुंच को जोड़ते हुए एबी इनबेव इंडिया का किसान-केंद्रित मंच बना हुआ है। 2026 की खरीद योजनाएं स्थानीय और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला को और सुदृढ़ करेंगी।
बार्ली ग्रोअर्स डे, एबी इनबेव के वैश्विक “चियर्स टूफॉर्मर्स” प्लेटफॉर्म का हिस्सा है, जो यह दर्शाता है कि मजबूत कृषि प्रणाली टिकाऊ व्यापार वृद्धि की नींव है और यह किसानों, आपूर्ति श्रृंखला और समग्र कृषि अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाती है।




