
मुंबई, दिव्यराष्ट्र/ पूरे भारत में 1 करोड़ बच्चों तक पहुँचने और उन पर सकारात्मक प्रभाव डालने की अपनी हालिया उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए
पीएंडजी शिक्षाने अपने निरंतर मिशन #रेस दा लर्निंग जीएपी के तहत अपना गीत ‘अब सब जाएंगे स्कूल पीएंडजी शिक्षा के साथ ” लॉन्च किया। जिओहॉटस्टार के साथ साझेदारी में तैयार किया गया यह गीत सीखने में आने वाली कमियों की भावनात्मक वास्तविकता को दर्शाता है – वे शांत, अक्सर अनदेखे पल जब एक बच्चा खुद को पीछे छूटता हुआ महसूस करने लगता है, और इसके विपरीत सीखने की उस खुशी को सामने लाता है, जो आत्मविश्वास, दृढ़ता और प्रगति में बदल जाती है।
पीएंडजी शिक्षा लंबे समय से सीखने के अंतराल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के मिशन पर काम कर रहा है—यह अंतर बच्चे के वर्तमान सीखने के स्तर और अपेक्षित स्तर के बीच होता है। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर चलाए जा रहे कई कार्यक्रम # रेस दा लर्निंग जीएपी के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पीएंडजी शिक्षा ने 21 वर्षों में 1 करोड़ से अधिक बच्चों को सकारात्मक रुप से प्रभावित करने का जश्न मनाया है, और यह उपलब्धि आंकड़े से कहीं अधिक का प्रतिनिधित्व करती है, यह 1 करोड़ व्यक्तिगत यात्राओं को दर्शाती है जहां सीखने की कमियों की पहचान जल्दी की गई और उन्हें स्थायी रुकावट बनने से पहले ही दूर किया गया।
‘अब सब जाएंगे स्कूल पीएंडजी शिक्षा के साथ’ की लॉन्चिंग के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया गया जिसका संचालन किडस्टॉपप्रेस की सीईओ और संस्थापक मानसी ज़ावेरी ने किया। इस चर्चा में द इंडियन पेरेंट पॉड के सह-संस्थापक नकुल मेहता और और पीएंडजी इंडिया के सीनियर डायरेक्टर- ब्रांड ऑपरेशंस रजत बरार शामिल हुए।
गीत और व्यापक मिशन पर बोलते हुए नकुल मेहता, सह-संस्थापक – द इंडिया पॅरेंट्स पॉड ने कहा, “सीखने के अंतर हमेशा स्पष्ट नहीं होते-ये झिझक, ध्यान भटकने या किसी बच्चे के चुप रहने के रूप में सामने आते हैं। ‘अब सब जाएंगे स्कूल विद पीएंडजी शिक्षा ’ का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद व्यक्तिगत बन गया, क्योंकि इसने मुझे अपने बचपन के उन पलों की याद दिलाई, जब नए क्लासरुम के माहौल में ढलना हमेशा आसान नहीं होता था।





