कोकून हॉस्पिटल में मिला नया जीवन
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ कोकून हॉस्पिटल, जयपुर में 25 सप्ताह में जन्मे महज 570 ग्राम के बच्चे का सफल इलाज किया गया। बच्चा समय से काफी पहले पैदा हुआ था। डॉक्टरों की टीम ने लंबे समय तक उसकी देखभाल और लगातार निगरानी की। हालत में सुधार के बाद बच्चे को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई।
प्रेगनेंसी के 16वें सप्ताह में ही बच्चे का विकास कम पाया गया। इसके बाद डॉ. प्रिया गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी की देखरेख में मां और बच्चे की लगातार जांच की गई। डॉक्टरों ने कोशिश की कि प्रेगनेंसी को सुरक्षित तरीके से ज्यादा समय तक आगे बढ़ाया जा सके, ताकि बच्चे को गर्भ में बढ़ने का ज्यादा समय मिल सके।
25 से 26वें सप्ताह के दौरान जांच में बच्चे तक खून और ऑक्सीजन की सप्लाई में परेशानी के संकेत मिले। बच्चे की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने समय पर सीजेरियन डिलीवरी का फैसला लिया। इसके बाद महज 570 ग्राम वजन के बच्चे का जन्म हुआ। जन्म के तुरंत बाद बच्चे को हॉस्पिटल के लेवल-3 एनआईसीयू में भर्ती कराया गया।
इतने कम वजन और बेहद कम समय में जन्म लेने के कारण बच्चे को सांस लेने, शरीर का तापमान बनाए रखने, पोषण देने और संक्रमण से बचाने के लिए विशेष देखभाल की जरूरत थी। एनआईसीयू में बच्चे की लगातार निगरानी की गई और विशेषज्ञों की टीम ने जरूरत के अनुसार इलाज किया। धीरे-धीरे बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसका वजन भी बढ़ने लगा।
कोकून हॉस्पिटल्स के क्लस्टर हेड डॉ. दिलशाद खान ने कहा कि 570 ग्राम के बच्चे की देखभाल बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में आधुनिक उपकरणों, लगातार निगरानी और प्रशिक्षित डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हॉस्पिटल के लेवल-3 एनआईसीयू में इस तरह के गंभीर मामलों के इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
डॉ. मनीष मित्तल, सीनियर कंसल्टेंट एवं हेड, नियोनेटोलॉजी, ने कहा कि 25 सप्ताह में पैदा हुए 570 ग्राम के बच्चे को बचाना चिकित्सा की दृष्टि से बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे की शुरुआती समस्या की पहचान, लगातार निगरानी और सही समय पर डिलीवरी के साथ जन्म के बाद विशेषज्ञ नवजात देखभाल बेहद जरूरी होती है।
उन्होंने इस सफलता का श्रेय कोकून हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट (ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी) डॉ. प्रिया गुप्ता; सीनियर नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र जैन; नियोनेटोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. नवीन डांग्याच; और नियोनेटोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. दिनेश के साथ-साथ ऑब्सटेट्रिक्स, नियोनेटल और नर्सिंग टीम को दिया। उन्होंने कहा कि इस बच्चे की सफल रिकवरी टीमवर्क, लगातार निगरानी और विशेषज्ञ चिकित्सा का परिणाम है।
कोकून हॉस्पिटल की यह उपलब्धि बेहद कम वजन और समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के इलाज में आधुनिक नवजात चिकित्सा की अहमियत को दिखाती है। ऐसे मामलों में समय पर इलाज, लगातार मॉनिटरिंग और अनुभवी डॉक्टर्स व नर्सिंग टीम की देखरेख बेहद जरूरी होती है। हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम और आधुनिक एनआईसीयू सुविधाओं ने इस बच्चे के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।