
देहरादून, दिव्यराष्ट्र: देहरादून के प्रतिष्ठित वैल्हम गर्ल्स स्कूल ने 4 एवं 5 नवंबर 2026 को अपना 69वाँ संस्थापक दिवस हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर 14 एकड़ में फैले विद्यालय छात्राएँ, शिक्षकवृंद पूर्व छात्राएँ, और पूरा विद्यालय परिवार एकत्रित हुआ। दो दिनों तक विद्यालय परिसर खेल भावना, सृजनात्मकता और उल्लास के रंगों से सराबोर रहा। यह समारोह छात्राओं की उपलब्धियों के साथ-साथ विद्यालय की दूरदर्शी संस्थापिकाओं, ‘मिस हर्सिला सूसी ओलिफ़ेंट’ और ‘मिस ग्रेस मैरी लिनेल’ की अमूल्य विरासत को भी समर्पित रहा। वर्ष 1957 में स्थापित यह संस्थान आज भी आत्मविश्वासी, संवेदनशील एवं स्वतंत्र युवतियों के निर्माण के अपने मूल आदर्शों को साकार कर रहा है।
4 नवंबर को संस्थापक दिवस समारोह का आरंभ भरपूर ऊर्जा तथा उत्साह के वातावरण में वार्षिक खेल प्रतियोगिता के साथ हुआ| छात्राओं ने 800 मीटर एवं 100 मीटर दौड़, 4×100 मीटर रिले और कराटे प्रदर्शन में अदम्य उत्साह, अनुशासन एवं खेल भावना का परिचय दिया। खेलों में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल करने वाली राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पदक विजेता छात्राओं को पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मार्च पास्ट, रोमांचक एथलेटिक ट्रैक प्रतियोगिताएँ, तथा प्रभावशाली कराटे और एरोबिक्स प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं।
वर्ष 2001 बैच की पूर्व छात्रा सुश्री महिमा कौल ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। वैश्विक मामलों और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में उनका विशिष्ट व्यावसायिक अनुभव उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने छात्राओं के उत्साह और खेल भावना की सराहना करते हुए अनुशासन, सामूहिकता एवं उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में विद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा की।
यह अवसर 1976 के पूर्व छात्रा वर्ग के स्वर्ण जयंती समारोह और 2001 के पूर्व छात्रा वर्ग के रजत जयंती समारोह के साथ और भी यादगार बन गया। विद्यालय में आमंत्रित पूर्व छात्राओं ने पुरानी यादें ताज़ा कीं और सहपाठियों के साथ आत्मीय पल साझा किए। समारोह के प्रथम दिवस का समापन प्रधानाचार्या द्वारा आयोजित रात्रिभोज एवं ई. बी. व्हाइट के प्रसिद्ध उपन्यास ‘शार्लट्स वेब’ पर आधारित छात्राओं की नाट्य प्रस्तुति ‘वन्स अपॉन अ वंडर वेब’ के साथ हुआ।
दूसरे दिन का शुभारंभ ‘वाया मिराबिलिस: एक्सप्लोरिंग द वर्ल्ड, वन क्वेश्चन एट अ टाइम’ शीर्षक प्रदर्शनी से हुआ। इसमें छात्राओं की जिज्ञासा, शोधपरक दृष्टि और रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनी ने आगंतुकों को छात्राओं की खोजपूर्ण सीख और नवाचारी विचारों से रूबरू कराया।
मुख्य संस्थापक दिवस समारोह के साथ ही दो दिवसीय उत्सव का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर प्रधानाचार्या, मुख्य अतिथि तथा वैल्हम गर्ल्स स्कूल संस्था के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष ने सभा को संबोधित किया| पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया। समारोह का समापन ‘रंग कबीर’ की मनमोहक संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुआ। महान भारतीय संत-कवि कबीर के काव्य, विचारों और जीवन-दर्शन से प्रेरित इस प्रस्तुति ने उनकी कालजयी वाणी को संगीत के माध्यम से जीवंत कर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए समारोह की मुख्य अतिथि तथा फर्स्ट ग्लोबल की संस्थापक, चेयरपर्सन एवं प्रबंध निदेशक, सुश्री देविना मेहरा ने शिक्षा को जीवनपर्यंत चलने वाली प्रक्रिया बताते हुए छात्राओं को निरंतर सीखने, जिज्ञासु बने रहने और स्वतंत्र चिंतन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बदलते दौर में स्वयं को समयानुकूल ढालने और नए विचारों को अपनाने की क्षमता अत्यंत महत्त्वपूर्ण होगी। उन्होंने छात्राओं को वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने,रूढ़िवादी मान्यताओं से आगे बढ़ने, ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करने और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।
समारोह के समग्र आयोजन एवं उसकी भावना पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, वैल्हम गर्ल्स स्कूल संस्था के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष रोमेश सोबती ने कहा, “हमारी सफलता का वास्तविक मानदंड भव्य भवन या आधुनिक सुविधाएँ नहीं, बल्कि वे युवा महिलाएँ होंगी, जो यहाँ से आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प के साथ निकलेंगी तथा समाज और विश्व में सार्थक योगदान देंगी।”
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वैल्हम गर्ल्स स्कूल की प्रधानाचार्या विभा कपूर ने कहा, “वैल्हम गर्ल्स स्कूल अपने 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, इसलिए हमारा संकल्प एक ऐसे विद्यालय के निर्माण का है, जो 22वीं सदी की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार हो। हम एक ऐसा परिवेश विकसित करना चाहते हैं, जहाँ छात्राएँ निरंतर निगरानी के दबाव से मुक्त होकर अपने बचपन का आनंद ले सकें, अपनी रुचियों और प्रतिभाओं को स्वतंत्र रूप से तलाश सकें तथा संसाधनों का उपयुक्त प्रयोग कर अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर सकें।
इसी दिशा में हम विद्यालय के खेल अवसंरचना को सुदृढ़ कर रहे हैं, शोध-आधारित एवं व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं और आलोचनात्मक चिंतन और तार्किक विश्लेषण को विशेष महत्त्व दे रहे हैं। डिजिटल निर्भरता के इस बढ़ते दौर में हमारा उद्देश्य ऐसी युवतियों का निर्माण करना है, जो स्वतंत्र रूप से सोचें, विवेकपूर्ण प्रश्न उठाएँ और अपनी बौद्धिक क्षमता का उपयोग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए करें।
यह हमारे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि इस दृष्टि को हमारी पूर्व छात्राओं, बोर्ड के सदस्यों, वर्तमान छात्राओं और अभिभावकों का भी समान समर्थन एवं विश्वास प्राप्त है। वैल्हम की समृद्ध विरासत हमारी आधारशिला है, किंतु हमारा दायित्व है कि हम इसे आने वाली पीढ़ियों की बदलती आकांक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर विकसित करते रहें।”
दो दिवसीय समारोह ने वैल्हम के अनुभव, मूल्यों और दृष्टिकोण के विविध आयामों को एक सूत्र में पिरोया। जहाँ एक ओर इसने विद्यालय की गौरवशाली विरासत और समृद्ध परंपराओं का उत्सव मनाया, वहीं दूसरी ओर युवा पीढ़ी की नई आकांक्षाओं, विचारों और संभावनाओं का स्वागत करते हुए भविष्य की ओर एक सार्थक कदम बढ़ाया।
वैल्हम गर्ल्स स्कूल के बारे में*
वर्ष 1957 में देहरादून में स्थापित वैल्हम गर्ल्स स्कूल देश के प्रतिष्ठित आवासीय बालिका विद्यालयों में से एक है। समग्र शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और छात्रा-केंद्रित, साक्ष्य-आधारित शिक्षण पद्धति के लिए विशिष्ट पहचान रखने वाला यह विद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ छात्राओं के सर्वांगीण विकास को भी समान महत्त्व देता है।
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्ज़ामिनेशंस तथा कैम्ब्रिज असेसमेंट इंटरनेशनल एजुकेशन , दोनों से संबद्ध विद्यालय में कक्षा 6 से 12तक का सुदृढ़ एवं व्यापक पाठ्यक्रम उपलब्ध है। विद्यालय का आदर्श वाक्य ‘आर्त्त शांति:फला विद्या’ अर्थात् ‘ज्ञान का उद्देश्य शांति की स्थापना करना है’, इसकी शैक्षिक दृष्टि और मूल दर्शन को अभिव्यक्त करता है। इसी विचारधारा



