
कोटा, दिव्यराष्ट्र:/ बीवीजी इंडिया लिमिटेड को राजस्थान के चंबल रिवरफ्रंट से जुड़ी दो प्रमुख परियोजनाओं, चंबल गार्डन पुनर्विकास और भटियारिया कुंड गार्डन के एकीकृत विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य सौंपा गया है। कंपनी का दावा है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से पर्यटन, विरासत संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता और शहरी जीवन की गुणवत्ता को नया आयाम मिलेगा।
कंपनी के अनुसार देश में रिवरफ्रंट परियोजनाएं केवल मनोरंजन केंद्र नहीं रह गई हैं, बल्कि वे सामुदायिक सहभागिता, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित हो रही हैं। चंबल रिवरफ्रंट की दोनों परियोजनाएं भी इसी सोच को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही हैं।
चंबल गार्डन में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं*
करीब 22 एकड़ क्षेत्र में फैले चंबल गार्डन को आधुनिक पर्यटन एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत लैंडस्केप्ड प्रोमेनेड, गजिबो, कृत्रिम जलाशय, लक्ष्मण झूला से प्रेरित सस्पेंशन ब्रिज, ग्लास ब्रिज, इमर्सिव लाइट एंड साउंड शो, रेस्तरां, बच्चों के लिए प्ले जोन, एडवेंचर गतिविधि क्षेत्र, योग पार्क और मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा आधुनिक पार्किंग, आकर्षक प्रवेश द्वार और व्यापक लैंडस्केपिंग एवं लाइटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। [citation]
भटियारिया कुंड में होगा विरासत संरक्षण*
लगभग 8 एकड़ क्षेत्र में फैला भटियारिया कुंड गार्डन अपने प्राचीन शिव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। परियोजना के तहत मंदिर संरक्षण और पारंपरिक पत्थर की नक्काशी के पुनर्स्थापन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं, उद्यान और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक स्थल विकसित किए जाएंगे ताकि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटकों का अनुभव भी बेहतर हो सके।
सतत विकास पर रहेगा फोकस
कंपनी का कहना है कि दोनों परियोजनाएं मिशन लाइफ़ ,स्वच्छ भारत मिशन और जलवायु-अनुकूल शहरी विकास की अवधारणा के अनुरूप तैयार की जाएंगी। इसके तहत देशी पौधों पर आधारित हरित क्षेत्र, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण-संवेदनशील डिजाइन को प्राथमिकता दी जाएगी।
बीवीजी इंडिया लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपल सिन्हा ने कहा कि रिवरफ्रंट अब केवल मनोरंजन स्थल नहीं रह गए हैं, बल्कि वे विरासत संरक्षण, पर्यटन संवर्धन, पर्यावरणीय संरक्षण और समुदायों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सार्वजनिक केंद्र बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे गंतव्य विकसित करना है जो आकर्षक होने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हों।
कंपनी के मुताबिक चंबल रिवरफ्रंट की ये परियोजनाएं केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि विरासत, पारिस्थितिकी और आधुनिक शहरी डिजाइन को एक साथ जोड़ते हुए अधिक हरित, टिकाऊ और लोगों के अनुकूल सार्वजनिक स्थलों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। [



