
बीकानेर, दिव्यराष्ट्र:/ बीकानेर में टाटा पावर ने 450 एमडब्ल्यूपी का सोलर प्रोजेक्ट विकसित किया है, जिसे 50°सी से अधिक तापमान, रेतीले तूफानों और जटिल भूभाग जैसी विषम परिस्थितियों के बावजूद मात्र 5 से 7 महीनों में पूर्ण किया गया। इस परियोजना में 8.37 लाख से अधिक सोलर मॉड्यूल स्थापित किए गए हैं, जिनमें बीएफशियल एवं मोनो पर्क तकनीक के क्रमशः 5,78,928 और 2,58,076 यूनिट शामिल हैं। यह संयंत्र 1,22,478 एमयू तथा 5,900 एमयू स्वच्छ विद्युत उत्पन्न करता है और 4,29,200 लाख व 2,02,880 लाख यूनिट सीईओटू उत्सर्जन की भरपाई करता है। इस प्लांट ने भारत में पहली बार 100 प्रतिशत सीईओ अनुपालन हासिल किया है, जिससे ग्रिड के साथ कुशल एकीकरण सुनिश्चित होता है।
इसी कड़ी में, 225 एम डब्ल्यू की हाइब्रिड परियोजना सोलर के साथ 96 एमडब्ल्यू पवन ऊर्जा क्षमता को जोड़ती है, जो 25 वर्षों के दीर्घकालिक अनुबंध के तहत टाटा पावर मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन को विद्युत आपूर्ति करती है। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड द्वारा विकसित यह परियोजना सालाना लगभग 700 एमयूएस बिजली उत्पन्न करती है और 700 मिलियन केजी सीओटू उत्सर्जन में कटौती करती है। इसके परिणामस्वरूप मुंबई में गैर-कार्बन ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़कर 38 प्रतिशत हो गई है, जबकि 5,200 एमयूएस की कुल मांग में से लगभग 2,000 एमयूएस अब स्वच्छ स्रोतों से प्राप्त हो रही है।
कुल मिलाकर, ये परियोजनाएँ टाटा पावर के विशाल पैमाने, उत्कृष्ट निष्पादन क्षमता और भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्रांति को आगे बढ़ाने में उसकी अग्रणी भूमिका को प्रदर्शित करती हैं।



