
ग्रेटर नोएडा: दिव्यराष्ट्र/ नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में डेटा-ड्रिवन इनसाइट्स फॉर नेशनल सिक्योरिटी: एक्सप्लोरिंग एआई एंड स्टैटिस्टिकल फ्रंटियर्स इन इंडिया’ सोशियो-कल्चरल लैंडस्केप (डीआईएनएस -2026)विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में
देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं तथा उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स की भूमिका पर गंभीर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री गोलोक बिहारी राय, कुलाधिपति डॉ. विक्रम सिंह तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) उमा भारद्वाज की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। अपने
उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में राष्ट्रीय सुरक्षा का स्वरूप व्यापक हो चुका है, जिसमें सैन्य शक्ति के साथ-साथ सांस्कृतिक सुदृढ़ता, तकनीकी दक्षता और नागरिक जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। सम्मेलन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता इसकी उच्च स्तरीय एवं पारदर्शी शोध चयन प्रक्रिया रही। कुल 73 संस्थानों से प्राप्त 112 शोध-पत्रों में से केवल 31 का चयन किया गया, जो इसकी गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है। यह संपूर्ण प्रक्रिया माइक्रोसॉफ्ट सीएमटी के माध्यम से संपन्न की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निष्पक्ष एवं प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित हुआ। सम्मेलन के दौरान आयोजित कीनोट एवं प्लेनरी सत्रों में विशेषज्ञों ने आधुनिक युद्ध में एआई की भूमिका, साइबर सुरक्षा, नैतिक एआई शासन, कंप्यूटर विज़न तथा डिजिटल हेल्थ एनालिटिक्स जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इन चर्चाओं में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि एआई आधारित तकनीकें निगरानी, खतरे की पहचान, निर्णय-निर्माण और नीति-निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
सम्मेलन के संयोजक डॉ. बी. राजनारायण प्रुस्टी ने अपने संबोधन में भारत की डेटा उपलब्धता, विशाल युवा जनसंख्या और डिजिटल कौशल को देश की प्रमुख ताकत बताते हुए कहा कि भारत एआई नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी नई दिशा दे सकता है। सम्मेलन के अंतर्गत विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें एआई आधारित राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक परिप्रेक्ष्य में एआई तथा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए। प्रतिभागियों ने अपने शोध के माध्यम से नई तकनीकों और समाधान प्रस्तुत किए तथा अकादमिक चर्चा को समृद्ध बनाया। कार्यक्रम का समापन वैलेडिक्टरी सत्र एवं प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के योगदान को सराहा गया। आयोजकों ने घोषणा की कि डीआईएनएस सम्मेलन को प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा, जिससे शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग को निरंतर बढ़ावा मिल सके।


