
मुंबई , दिव्यराष्ट्र /टीएपाई मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (टीएपीएमआई), जो मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (एमएएचई) का एक घटक संस्थान है और ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ का दर्जा प्राप्त डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी है, ने अपने 40वें वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन एमएएचई, मणिपाल के 33वें कॉन्वोकेशन समारोह के तहत केएमसी ग्रीन्स, मणिपाल में किया।
इस समारोह में टीएपीएमआई के पांच प्रमुख कार्यक्रमों—एमबीए (कोर), एमबीए (बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज), एमबीए (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट), एमबीए (मार्केटिंग) और एमबीए (इंटरनेशनल बिजनेस)—के छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह की मुख्य अतिथि, सेल्सफोर्स – साउथ एशिया की प्रेसिडेंट एवं सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य ने दीक्षांत भाषण दिया और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए छात्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक वाई भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी छात्रों को संबोधित किया। यह टीएपीएमआई के लिए गर्व का विषय रहा कि विशिष्ट अतिथि स्वयं 2007–09 बैच के पूर्व छात्र हैं।
इस अवसर पर मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) एम. डी. वेंकटेश ने स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि संस्थानों की भूमिका जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “ एमएएचई में हमारा प्रयास ऐसे स्नातक तैयार करना है जो पेशेवर दक्षता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाएं। टीएपीएमआई का अकादमिक उत्कृष्टता, नैतिकता और इंडस्ट्री प्रासंगिकता पर जोर छात्रों को संगठनों और समाज दोनों में सार्थक योगदान देने के लिए सक्षम बनाता है।”
अपने दीक्षांत भाषण में अरुंधति भट्टाचार्य ने छात्रों से अपील की कि वे तेजी से बदलती दुनिया में लचीले और उद्देश्य-प्रेरित बने रहें। उन्होंने कहा, “भारत का भविष्य ऐसे नेताओं द्वारा तय होगा जो जटिल परिस्थितियों में स्पष्टता के साथ निर्णय लें और बुद्धिमत्ता के साथ संवेदनशीलता भी दिखाएं। निरंतर परिवर्तन के इस दौर में उद्देश्य ही असली पहचान बनेगा। एमएएचई जैसे संस्थान ऐसे नेताओं को तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।”
पेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीईओ कार्तिक वाई ने छात्रों को संबोधित करते हुए अपने टीएपीएम से कॉर्पोरेट नेतृत्व तक के सफर को साझा किया। उन्होंने कहा, “टीएपीएम आई आपको सिर्फ अकादमिक ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि वास्तविक समस्याओं को हल करने की सोच भी विकसित करता है। जिज्ञासु बने रहें, जमीन से जुड़े रहें और याद रखें कि निरंतर सफलता अनुशासन, ईमानदारी और लोगों के प्रति सम्मान पर आधारित होती है।”
इस अवसर पर डॉ. शरथ राव (प्रो वाइस चांसलर, हेल्थ साइंसेज), डॉ. दिलीप नाइक (प्रो वाइस चांसलर, मैंगलोर कैंपस), डॉ. नारायण सभाहित (प्रो वाइस चांसलर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज), डॉ. गिरिधर किणी (रजिस्ट्रार, एमएएचई ), डॉ. दुर्गा प्रसाद (कार्यवाहक निदेशक, टीएपीएम आई ) सहित फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
2024–26 बैच के कुल 521 छात्रों को इस समारोह में डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें एमबीए (कोर) के 348 छात्र, एमबीए (बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज) के 56 छात्र, एमबीए (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट) के 44 छात्र, एमबीए (मार्केटिंग) के 50 छात्र और एमबीए (इंटरनेशनल बिजनेस) के 23 छात्र शामिल हैं।
यह समारोह छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ, जहां उनके शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न मनाया गया और उनके पेशेवर जीवन की नई शुरुआत का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में छात्रों के परिवारजन और फैकल्टी सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे यह अवसर यादगार बन गया।






