सनशाइन पिक्चर्स लिमिटेड अपने 10 रुपये अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयरों का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को खोलने जा रही है। एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख सोमवार, 17 अगस्त 2026 होगी, जबकि आईपीओ गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को बंद होगा।
आईपीओ का प्राइस बैंड 342 रुपये से 360 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। निवेशक न्यूनतम 41 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 41 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी।
कंपनी के आईपीओ में 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 48,00,034 तक नए इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिसकी कुल राशि 172.80 करोड़ रुपये तक होगी। इसके अलावा 30,37,157 तक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) होगा, जिसकी कुल राशि 109.33 करोड़ रुपये तक है।
ओएफएस के तहत विपुल अमृतलाल शाह 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 20,31,388 तक इक्विटी शेयर बेचेंगे, जिनकी कुल कीमत 73.13 करोड़ रुपये तक होगी। वहीं शेफाली विपुल शाह 10,05,769 तक इक्विटी शेयर बेचेंगी, जिनकी कुल कीमत 36.21 करोड़ रुपये तक होगी।
फ्रेश इश्यू से प्राप्त 112.50 करोड़ रुपये तक की राशि का इस्तेमाल कंपनी की कार्यशील पूंजी जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
सनशाइन पिक्चर्स फिल्म, टीवी सीरियल और वेब सीरीज के निर्माण, विकास, मार्केटिंग और वितरण के कारोबार में सक्रिय प्रोडक्शन हाउस है। कंपनी ने अपनी पहली फिल्म ‘फोर्स’ से शुरुआत की थी, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। इसके बाद कंपनी ने ‘कमांडो: ए वन-मैन आर्मी’, ‘हॉलिडे: ए सोल्जर इज नेवर ऑफ ड्यूटी’, ‘फोर्स 2’, ‘कमांडो 2: द ब्लैक मनी ट्रेल’ और ‘द केरला स्टोरी’ जैसी चर्चित, व्यावसायिक और सामाजिक सरोकार वाली फिल्मों का निर्माण और वितरण किया।
कंपनी के मुताबिक, ‘द केरला स्टोरी’ 2023 में निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न देने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल रही, जो व्यावसायिक सफलता और आलोचनात्मक सराहना के बीच संतुलन बनाने की कंपनी की क्षमता को दर्शाता है। यह जानकारी डी एंड बी रिपोर्ट पर आधारित है।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस की तारीख तक सनशाइन पिक्चर्स ने कुल 13 कमर्शियल फिल्मों का निर्माण किया है। इनमें सात फिल्मों का निर्माण प्रतिष्ठित स्टूडियो के साथ सह-निर्माता के रूप में और छह फिल्मों का निर्माण कंपनी ने स्वयं किया। इसके अलावा कंपनी ने दो वेब सीरीज, तीन टीवी सीरियल और एक शॉर्ट कमर्शियल फिल्म भी बनाई है।
कंपनी ने हाल ही में सनशाइन म्यूजिक और सनशाइन डिजिटल (ओरिजिनल्स) नाम से दो नए वर्टिकल शुरू किए हैं। कंपनी के यूट्यूब चैनल पर फिलहाल 36 ओरिजिनल म्यूजिक वीडियो उपलब्ध हैं। इसके अलावा कंपनी की पहली डिजिटल वेब सीरीज ‘बावरा मन’ और ‘अनकही’ भी मौजूद हैं।
सनशाइन पिक्चर्स के पास फिलहाल निर्माण के लिए छह फिल्में और दो वेब सीरीज पाइपलाइन में हैं।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में मजबूत लाभप्रदता दर्ज की। वित्त वर्ष 2026 में 74.43 करोड़ रुपये के स्टैंडअलोन राजस्व पर कंपनी का एबिटडा 58.54 करोड़ रुपये और पीएटी 40.02 करोड़ रुपये रहा। इसके आधार पर कंपनी का एबिटडा मार्जिन 78.65% और पीएटी मार्जिन 53.77% रहा।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के जरिए पेश किए जा रहे इक्विटी शेयरों को बीएसई लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। आईपीओ के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड को नामित स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है।
यह आईपीओ एससीआरआर के नियम 19(2)(बी) और सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 31 के तहत लाया जा रहा है। कंपनी की पोस्ट-ऑफर पेड-अप इक्विटी शेयर पूंजी का कम से कम 25% हिस्सा इस ऑफर के तहत पेश किया जा रहा है।
आईपीओ बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 6(1) के तहत जारी किया जा रहा है। इसके तहत ऑफर का अधिकतम 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा।
क्यूआईबी हिस्से का 5% हिस्सा केवल म्यूचुअल फंडों के लिए आनुपातिक आधार पर उपलब्ध होगा, बशर्ते ऑफर प्राइस या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों। शेष क्यूआईबी हिस्सा म्यूचुअल फंड सहित सभी क्यूआईबी को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा।
यदि म्यूचुअल फंडों की कुल मांग क्यूआईबी हिस्से के 5% से कम रहती है, तो म्यूचुअल फंड हिस्से में आवंटन के लिए उपलब्ध बची हुई इक्विटी शेयरों को शेष क्यूआईबी हिस्से में जोड़कर क्यूआईबी को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा।
ऑफर का कम से कम 15% हिस्सा गैर-संस्थागत बोलीदाताओं (एनआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर उपलब्ध होगा। इसमें एक-तिहाई हिस्सा 2 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए आरक्षित होगा।
दो-तिहाई हिस्सा 10 लाख रुपये से अधिक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा। यदि इनमें से किसी श्रेणी में हिस्सा बिना सब्सक्राइब रह जाता है, तो उसे NIB की दूसरी श्रेणी के आवेदकों को आवंटित किया जा सकता है।
इसके अलावा ऑफर का कम से कम 35% हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईआई) के लिए उपलब्ध होगा। यह आवंटन सेबी आईसीडीआर नियमों के अनुसार किया जाएगा और इसके लिए ऑफर प्राइस या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त होना जरूरी होगा।
सभी संभावित निवेशकों को आईपीओ में आवेदन करने के लिए ब्लॉक्ड अमाउंट द्वारा समर्थित एप्लीकेशन (एएसबीए)प्रक्रिया का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए उन्हें अपने संबंधित एएसबीए खाते का विवरण देना होगा।
यूपीआई के माध्यम से आवेदन करने वाले निवेशकों को अपना यूपीआई आईडी भी देना होगा। इसके बाद संबंधित बोली राशि को सेल्फ-सर्टिफाइड सिंडिकेट बैंकों (एससीएसबी) या यूपीआई व्यवस्था के तहत स्पॉन्सर बैंकों द्वारा संबंधित बोली राशि की सीमा तक ब्लॉक किया जाएगा।
जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड इस आईपीओ का बुक रनिंग लीड मैनेजर है।