
28 नवंबर 2025 | मंडी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी मंडी), जो देश के अग्रणी आईआईटी में से एक है, ने अपने सेंटर फ़ॉर कंटिन्यूइंग एजुकेशन (सीसीई) के माध्यम से शीतकालीन सेमेस्टर अवकाश 2025 के लिए अल्पकालिक, उच्च-प्रभावशीलता वाले सर्टिफ़िकेट कोर्सेज़ की एक नई श्रृंखला की घोषणा की है। उद्योग-उन्मुख प्रतिभा को विकसित करने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए, ये कोर्स दिसंबर 2025 के दूसरे सप्ताह से आईआईटी मंडी कैंपस में आयोजित किए जाएंगे।
सीसीई द्वारा प्रस्तुत यह कार्यक्रम प्रतिभागियों की व्यावहारिक क्षमताओं को बढ़ाने तथा हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से गहन तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम भारत के विभिन्न हिस्सों से आने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और कार्यरत पेशेवरों के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रतिभागियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षण, विशेषज्ञ फ़ैकल्टी का मार्गदर्शन और वास्तविक समस्याओं पर आधारित प्रायोगिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनका सीखना अधिक गहन और अनुप्रयोग-केंद्रित बनेगा।
शीतकालीन अवकाश कोर्सेज़ की प्रमुख विशेषताएँ:
सीसीई उभरते और उद्योग-प्रासंगिक क्षेत्रों में तीन विशेषज्ञता-आधारित अल्पकालिक कार्यक्रम पेश कर रहा है:
- इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड व्हीकल्स कोर्स:
यह व्यापक कार्यक्रम इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ईवी) के मूल सिद्धांत, वाहन आर्किटेक्चर, हाइब्रिड सिस्टम, बैटरी टेक्नोलॉजी तथा लाइव प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन समझ प्रदान करता है।
- स्टैटिस्टिकल डेटा एनालिसिस एंड डीप लर्निंग 2.0:
यह उन्नत कोर्स मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क्स और आधुनिक डीप लर्निंग आर्किटेक्चर को सैद्धांतिक अवधारणाओं के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ता है। प्रतिभागियों को आधुनिक विश्लेषणात्मक टूल्स और वास्तविक अनुप्रयोगों से परिचित कराया जाएगा।
3. एडवांस्ड ऑप्टिकल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स:
यह विशेष कार्यक्रम अत्याधुनिक ऑप्टिकल उपकरणों, लेज़र-आधारित डायग्नोस्टिक तकनीकों, स्पेक्ट्रोस्कोपी विधियों और वैज्ञानिक अनुसंधान में उनके अनुप्रयोगों पर केंद्रित है।
ईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मिधर बेहरा ने कहा, “आईआईटी मंडी में हमारी प्राथमिकता विद्यार्थियों और पेशेवरों को तेजी से बदलते करियर परिदृश्य में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल और मानसिकता से सुसज्जित करना है। शीतकालीन अवकाश कोर्सेज़ की यह पहल इसी उद्देश्य को और मजबूत करती है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, डीप लर्निंग मॉडल्स और उन्नत ऑप्टिकल प्रणालियों के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर प्रतिभागी वे व्यावहारिक क्षमताएँ विकसित करते हैं, जिनकी उद्योगों को निरंतर आवश्यकता है। उद्योगों द्वारा अपेक्षित समस्या-समाधान क्षमता और गहन तकनीकी दक्षता—इन्हीं दोनों के बीच की दूरी को हम सीसीई के माध्यम से पाटने का प्रयास कर रहे हैं।”
सीसीई के प्रमुख डॉ. तुषार जैन ने कहा, “आईआईटी मंडी का सीसीई अकादमिक सीख और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच की खाई को पाटने के लिए प्रतिबद्ध है। ये अल्पकालिक कोर्स व्यावहारिक, अनुप्रयोग-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, जो भविष्य की तकनीक और अनुसंधान दिशा को परिभाषित कर रहे हैं। हम विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों से अनुरोध करते हैं कि वे इस शीतकालीन अवकाश के दौरान उपलब्ध इन विशिष्ट सीखने के अवसरों का लाभ उठाएँ।”
आईआईटी मंडी न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का केंद्र है, बल्कि समग्र विकास का भी एक प्रमुख संस्थान है, जहाँ विद्यार्थी और भावी पेशेवर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार करते हैं।
सीमित सीटें उपलब्ध हैं, इसलिए शीघ्र पंजीकरण करने की सलाह दी जाती है। विस्तृत जानकारी और आवेदन हेतु: https://cce.iitmandi.ac.in/ प्रश्नों के लिए संपर्क करें: cceoffice@iitmandi.ac.in






