अहमदाबाद, दिव्यराष्ट्र/ भारत तथा वैश्विक स्तर पर अपनी सहायक/संबद्ध कंपनियों के साथ परिचालन करने वाली नवोन्मेष आधारित जीवन-विज्ञान कंपनी, ज़ायडस लाइफसाइंसेज़ लिमिटेड (ज़ायडस) ने वैश्विक फार्मा कंपनी, ल्यूपिन लिमिटेड (ल्यूपिन) के साथ एक लाइसेंसिंग और आपूर्ति समझौता किया है। इस समझौते का लक्ष्य है, भारत में मरीज़ों के लिए उपयोग में आसान, दोबारा इस्तेमाल किये जा सकने वाले पेन डिवाइस के साथ नवोन्मेषी सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन (15 मिलीग्राम/3 मिलीलीटर) तक पहुंच बढ़ाना। इस साझेदारी के तहत ज़ायडस की उल्लेखनीय उत्पाद विकास क्षमता और भारतीय बाज़ार में ल्यूपिन की व्यापक पहुंच को जोड़कर मेटाबॉलिक विकारों के लिए आधुनिक उपचार (थेरेपी) उपलब्ध कराया जाएगा।
इस समझौते के दायरे में, ल्यूपिन को भारतीय बाज़ार में ज़ायडस के नवोन्मेषी सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन की सेमानेक्स्ट® और ल्यूपिन के लिवाराइज़® ब्रांड नाम के तहत सह-मार्केटिंग (सह-विपणन) करने के अर्ध-विशेष (सेमी-एक्सक्लूसिव) अधिकार मिलेंगे। ज़ायडस इस उत्पाद की मार्केटिंग सेमाग्लिनटीएम, मैशेमाटीएम और ऑल्टरमेटीएम ब्रांड नाम के तहत करेगी। ल्यूपिन, ज़ायडस को अग्रिम लाइसेंसिंग शुल्क और पहले से तय लक्ष्यों (माइलस्टोन) हासिल करने पर माइलस्टोन भुगतान करेगी।
ज़ायडस लाइफसाइंसेज़ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, डॉ. शरविल पटेल ने इस घटनाक्रम के बारे में कहा, “जीवन में आमूल बदलाव लाने वाली खोजें, मरीज़ों को स्वस्थ और अधिक संतोषजनक जीवन जीने में मदद कर रही हैं। मरीज़ों की ज़रूरतों और सुविधा को सबसे अधिक महत्व देते हुए, हम जो नए तरह का पेन डिवाइस पेश कर रहे हैं, उससे उपचार आसान होगा और जीवन की गुणवत्ता बढ़ेगी। हमें इस दवा और मरीज़ों के लिए उपयोग में आसान नए डिलीवरी डिवाइस की उपलब्धता को व्यापक बनाने के लिए ल्यूपिन के साथ समझौता कर खुशी हो रही है, जिससे पूरे भारत में इसकी पहुंच का विस्तार होगा।”
ल्यूपिन के प्रबंध निदेशक, नीलेश गुप्ता ने कहा, “भारत में सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन की मार्केटिंग के लिए ज़ायडस के साथ हमारी भागीदारी, कार्डियो-मेटाबोलिक बीमारियों के लिए बेहतर इलाज़ के विकल्प प्रदान करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दृढ़ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है। जीएलपी-1 उपचार दुनिया भर में इलाज़ के मानकों को नई दिशा दे रहे हैं, ऐसे में यह गठजोड़ हमारे डायबिटीज़ पोर्टफोलियो को बेहतर बनाएगा और साथ ही यह मरीज़ों की उन ज़रूरतों को पूरा करने पर हमारे विशेष ध्यान को रेखांकित करता है, जो अब तक पूरी नहीं हो पाई हैं। हम साथ मिलकर मरीज़ों के लिए नए, उच्च-गुणवत्ता वाले उपचार के विकल्पों तक पहुंच बढ़ाकर पूरे भारत में स्वस्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों को सहायता करना चाहते हैं।”
सेमाग्लूटाइड को आधिकारिक तौर पर वयस्कों में टाइप 2 डायबिटीज़ मेलिटस (मधुमेह) को नियंत्रित करने में मदद के लिए मंज़ूरी दी गई है। इसका इस्तेमाल आहार और व्यायाम के साथ (न कि उनके बदले) किया जाए।
§ *मोनोथेरेपी (एकल उपचार) के तौर पर, जब मेटफॉर्मिन सहन न कर पाने या किसी किस्म की परेशानी (कॉन्ट्रेनड्रिकेशन) के कारण उसे इस्तेमाल करना उचित नहीं माना जाता।**
*डायबिटीज़ के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दूसरी दवाओं के साथ।**
इसे वयस्कों में दीर्घकालिक स्तर पर वज़न नियंत्रित करने के लिए कम कैलोरी वाले आहार और अपेक्षाकृत अधिक शारीरिक गतिविधि के साथ सहायक उपाय के तौर पर भी मंज़ूरी दी गई है। यह उन वयस्कों के लिए उपयुक्त है जिनका आरंभिक बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 30 केजी/एम2 या उससे अधिक (मोटापा) है या फिर 27 केजी/एम2 या उससे ज़्यादा (अधिक वज़न) है, और जिन्हें वज़न से जुड़ी कम से कम एक अन्य बीमारी (उच्च रक्तचाप, टाइप 2 डायबिटीज़, या डिस्लिपिडेमिया) है।