सिस्टम-आधारित’ मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी मजबूती
मुंबई, दिव्यराष्ट्र/ भारत के नंबर 1 पीयू फुटवियर ब्रांड, वॉकारू ने आज केरल के किन्नालूर में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार की घोषणा की है। इस विस्तार के साथ कंपनी देश में ग्राहकों की बदलती पसंद को देखते हुए, तेज़ी से बढ़ते ‘महिला फुटवियर सेगमेंट’ पर अपना ध्यान और अधिक केंद्रित कर रही है।
चूँकि फुटवियर सेक्टर अब अधिक कार्यक्षमता, एकरूपता और ग्राहकों की ज़रूरतों के हिसाब से ढल रहा है, ऐसे में किन्नालूर प्लांट का यह विस्तार केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। यह कदम एक अधिक एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस यूनिट को ‘प्रोडक्शन फ्लो’ (उत्पादन के बहाव) को ध्यान में रखकर नए सिरे से डिज़ाइन किया गया है। इसमें कच्चे माल, मैन्युफैक्चरिंग और तैयार माल के लिए अलग-अलग ज़ोन बनाए गए हैं, जिससे काम करने के अनुशासन में सुधार होगा। इस बदलाव के बाद किन्नालूर यूनिट की उत्पादन क्षमता 41,800 जोड़ी प्रतिदिन से बढ़कर अब 63,700 जोड़ी प्रतिदिन हो गई है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर वी. नौशाद ने कहा, “वॉकारू में हमारे लिए विकास का मतलब सिर्फ क्षमता बढ़ाना नहीं है, बल्कि सिस्टम को मज़बूत करना है। हम एक ऐसा स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं जो लंबे समय तक बड़े स्तर के उत्पादन को संभाल सके और साथ ही कर्मचारियों की भलाई का भी ख्याल रखे। हमारे लिए असली विकास का मतलब बेहतर, मज़बूत और ज़िम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना है।”
इस विस्तार के तहत प्लांट में कई नई सुविधाएँ और बुनियादी ढाँचे जोड़े गए हैं, जैसे समर्पित यूटिलिटी सिस्टम, विशेष मोल्डिंग और मेंटेनेंस ज़ोन, बड़ा स्टोरेज स्पेस और एक आधुनिक ऑफिस ब्लॉक। इसके अलावा, एक समर्पित टेस्टिंग लैब भी बनाई गई है जो बीआईएस मानकों का पालन सुनिश्चित करेगी, जिससे प्रोडक्ट की क्वालिटी और विश्वसनीयता और मज़बूत होगी।
कंपनी ने कार्यस्थल के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। यहाँ कर्मचारियों के लिए बेहतर सुख-सुविधाओं के साथ-साथ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन और प्रोडक्शन टीमों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देने वाला माहौल तैयार किया गया है।
पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस के नज़रिए से भी इस कैंपस में सुरक्षा प्रणालियाँ, ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अपशिष्ट जल प्रबंधन के लिए ऑन-साइट एसटीपी जैसी सुविधाएँ शामिल की गई हैं।
फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के विवेक शर्मा ने कहा, “भारत सरकार ने फुटवियर सेक्टर को रोज़गार पैदा करने और निर्यात की अपार संभावनाओं के कारण एक ‘चैंपियन सेक्टर’ के रूप में चुना है।”
उन्होंने आगे कहा, “भारतीय फुटवियर उद्योग अब एक ऐसे दौर में पहुँच रहा है जहाँ संगठित मैन्युफैक्चरिंग, मज़बूत सिस्टम और कुशल प्रतिभाएँ इसके विकास की दिशा तय करेंगी। इस तरह की आधुनिक सुविधाएँ न केवल सेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाएँगी, बल्कि इसे भविष्य के लिए भी तैयार करेंगी।”
किन्नालूर प्लांट का यह विस्तार मैन्युफैक्चरिंग के प्रति वॉकारू के उस दृष्टिकोण को रेखांकित करता है जहाँ बड़े स्तर का उत्पादन ‘मज़बूत सिस्टम’ पर टिका होता है, और बेहतर सिस्टम का मतलब है—बेहतर प्रोडक्ट्स।