जेईसीआरसी में शक्ति का उत्सव: 450 से अधिक महिला लीडर्स का वसुंधरा राजे ने किया सम्मान
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ महिला सशक्तिकरण सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि एक सकारात्मक बदलाव है। इसी जज़्बे को पूरे उत्साह से मनाते हुए जेईसीआरसी के प्रांगण में इंटरनैशनल विमन्स डे के उपलक्ष्य में महिला नेतृत्व को समर्पित एक गरिमामयी व प्रेरणादायक समारोह का आग़ाज़ हुआ। इस इवेंट का उद्देश्य ऐकडेमिक, रिसर्च, इंनोवेशन और एडमिनिस्ट्रेशन क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहीं जेईसीआरसी की 450 से अधिक महिला फैकल्टी सदस्यों के असाधारण योगदान को सम्मानित करना था।
एंपावर्ड फीमेल लीडरशिप का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने बतौर मुख्य अतिथि इस आयोजन को एक नई ऊंचाई प्रदान की। अपने संबोधन में उन्होंने ‘उभरते राजस्थान’ में महिला नेतृत्व की महत्ता और घर-संस्थान की दोहरी ज़िम्मेदारी निभाने वाली शिक्षिकाओं के अदम्य साहस को सराहा। ‘भामाशाह योजना’ के माध्यम से महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाने के अपने विज़न को साझा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कमान महिला के हाथों में होती है, तो संपूर्ण समाज सुरक्षित और सशक्त होता है। उन्होंने भविष्य की महिला नेत्रियों का आह्वान किया कि वे अपने भीतर की निडर क्षमता को पहचानें और अटूट दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ें, क्योंकि आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम से भाग्य की लकीरों को भी बदला जा सकता है।
साथ ही पत्रकार एल. पी. पंत गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में मौजूद रहे।
समारोह में, जेईसीआरसी के साथ शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में अपना शत-प्रतिशत देती आ रही उत्कृष्ट महिला फ़ैकल्टीज़ के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए, उन्हें तीन ख़ास श्रेणियों में सम्मानित किया गया। पिछले एक दशक से अपना अटूट समर्पण दिखा रही महिलाओं को “डिकेड ऑफ डेडिकेशन”, तीन साल का सफर पूरा करने वाली महिलाओं को उनके इंनोवेटिव थॉट्स के लिए “यंग एनर्जी”, और हाल ही में इस परिवार का हिस्सा बनीं होनहार महिलाओं को “इमर्जिंग ट्रेलब्लेज़र्स” अवॉर्ड से नवाज़ा गया। यह सम्मान इस बात का प्रमाण बना कि कैसे ये महिलाएं अपने घर, संस्थान और समाज की ज़िम्मेदारियों के बीच बेहतरीन संतुलन स्थापित करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को हकीकत में बदल रही हैं।
हर क्षेत्र में महिलाओं की इसी निपुणता और लीडरशिप क्वालिटीज़ को सराहते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन ओ.पी. अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल महिलाओं के प्रयासों की सराहना के लिए ही नहीं, बल्कि उनके अधिकारों और पहचान के सम्मान के लिए है। उन्होंने गर्व से स्वीकार किया कि फीमेल फ़ैकल्टीज़ ही जेईसीआरसी की नींव व शक्ति हैं और उन्हीं के समर्पण से यह संस्थान आज इस मुकाम पर है। इस अवसर पर उन्होंने महिला कर्मचारियों के लिए नि:शुल्क व्यापक स्वास्थ्य जांच (जैसे मैमोग्राफी और पैप स्मीयर टेस्ट), मेंटरशिप प्रोग्राम और वेलनेस कार्यशालाओं जैसी सुविधाओं का शुभारंभ कर एक समावेशी और सशक्त कार्यस्थल बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए निधि अग्रवाल ने साझा किया कि जेईसीआरसी का मुख्य लक्ष्य एक ऐसा सपोर्टिव माहौल तैयार करना है जहाँ टैलेंट को न केवल सम्मान मिले, बल्कि उसे पूरी तरह निखरने का अवसर भी दिया जाए। यह सेलिब्रेशन उसी कार्य-संस्कृति की एक सुंदर झलक पेश करता है जहाँ प्रोफेशनल एक्सीलेंस के साथ-साथ सभी की खुशहाली और आपसी जुड़ाव को प्राथमिकता दी जाती है।