जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2026 अपने उन्नीसवें संस्करण के साथ लौट रहा है
हिंदी भाषा, राजस्थानी आवाज़ों और क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराओं पर केंद्रित
जयपुर, दिव्यराष्ट्र। वेदांता द्वारा प्रस्तुत और विश्वभर में ‘दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजन’ के रूप मे जाने, जाने वाले जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के आगामी 19वें संस्करण की प्रमुख झलकियाँ जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की गईं। यह महोत्सव 15 से 19 जनवरी 2026 के बीच आयोजित होगा। टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित यह फ़ेस्टिवल साहित्य, विचार और संवाद के लिए एक प्रमुख वैश्विक मंच के रूप में अपनी भूमिका निभाता आ रहा है, जहाँ विभिन्न विधाओं, देशों और पीढ़ियों से प्रतिष्ठित स्वर एकत्र होते हैं।
वैश्विक मंच पर हिंदी साहित्य और क्षेत्रीय भारतीय आवाज़ों का उत्सव
इस वर्ष जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल राजस्थान की सांस्कृतिक और रचनात्मक परंपराओं के साथ अपने गहरे संबंध को और मज़बूत करेगा। 19वां संस्करण विश्वभर से लेखकों, चिंतकों, नीति-निर्माताओं, कलाकारों और बुद्धिजीवियों के एक असाधारण समूह को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा।
प्रमुख वक्ताओं में अभिषेक सिंह, अली एस्लामी, एलिस ऑस्वाल्ड, आलोक वैद-मेनन, अनामिका, एंड्रयू ग्राहम डिक्सन, ऐन एप्पलबाउम, अनुराधा रॉय, अरविंद सुब्रमण्यम, बानू मुश्ताक, डी. वाई. चंद्रचूड़, एडवर्ड लूस, एला अल-शमाही, एस्तेर डुफ्लो, फ़रा डभोइवाला, फिंटन ओ’टूल, फ़्रेडरिक लोगेवाल, गौर गोपाल दास, गोपाल कृष्ण गांधी, जानिना रामीरेज़, जावेद अख़्तर, जिमी वेल्स, किरण देसाई, लियो वराडकर, महाराजा गज सिंह, मार्सिया लैंगटन, मेघा मजूमदार, निकोलस स्टर्न, पलानीवेल थियागा राजन, पर्सिवल एवरेट, रैचल क्लार्क, रिचर्ड फ़्लैनगन, रिचर्ड हॉर्टन, शिखर धवन, स्टीफ़न फ़्राय, सुधा मूर्ति, टान्या टालागा, टिम बर्नर्स-ली, टॉम फ़्रेस्टन, उस्सामा मकदिसी, वीर दास, विश्वनाथन आनंद, विलियम सीघार्ट, योशितोकी ओइमा सहित अनेक नाम शामिल हैं, जो इसे विचारों, साहित्य और संवाद का एक वास्तविक वैश्विक उत्सव बनाते हैं।
हिंदी और राजस्थानी साहित्यिक उत्कृष्टता की विरासत का सम्मान
साहित्यिक उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल ने महाकवि कन्हैयालाल सेठिया काव्य पुरस्कार 2026 के विजेता की भी घोषणा की। यह पुरस्कार नमिता गोखले, सुकृता पॉल कुमार, रंजीत होस्कोटे और सिद्धार्थ सेठिया की प्रतिष्ठित जूरी द्वारा निर्धारित किया गया है और कविता के क्षेत्र में पुरस्कार विजेता के गहन एवं स्थायी योगदान को मान्यता देता है। राजस्थानी और हिंदी के महान कवि, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और पद्मश्री सम्मानित महाकवि कन्हैयालाल सेठिया की स्मृति में स्थापित यह सम्मान उस काव्य-यात्रा को रेखांकित करता है जिसमें काव्यात्मक गहराई, नैतिक स्पष्टता और समाज तथा मानव स्थिति से गहरा संवाद झलकता है। यह पुरस्कार शनिवार, 17 जनवरी 2026 को फ़ेस्टिवल के दौरान एक औपचारिक समारोह में जूरी के द्वारा प्रशस्ति-पत्र और एक लाख रुपये की नकद राशि के साथ प्रदान किया जाएगा।
राजस्थान की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था के समर्थन में
अपने 19वें वर्ष में प्रवेश करते हुए जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल का जीवंत केंद्र राजस्थान ही बना हुआ है। हर वर्ष यह आयोजन राज्यभर में एक व्यापक सांस्कृतिक और आर्थिक प्रभाव उत्पन्न करता है, जिसमें उत्पादन, तकनीकी संचालन, आतिथ्य, स्थल प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, परिवहन और वालंटियर्स सहित लगभग 2000 स्थानीय पेशेवरों की भागीदारी होती है। भोजन और पेय सेवाओं, मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, सजावट, प्रिंटिंग, हस्तशिल्प, मर्चेंडाइज़ और तकनीकी सेवाओं में लगभग राजस्थान के लगभग 60 व्यवसाय फ़ेस्टिवल के साथ जुड़ते हैं। इसके साथ ही 55 से 60 फ़ूड स्टॉल में फ़ेस्टिवल के दौरान सबसे अधिक भीड़ होती है। प्रसिद्ध शिल्प समूहों के साथ सहयोग और फ़ेस्टिवल की मर्चेंडाइज़ क्षेत्रीय विरासत, कारीगरी और रचनात्मक समुदायों के प्रति फ़ेस्टिवल की स्थायी प्रतिबद्धता को और मज़बूत करते हैं। फ़ेस्टिवल सप्ताह के दौरान शहर में आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ हो जाती हैं और रेस्तराँ, कैफ़े, बाज़ार, परिवहन सेवाएँ और होटल लगभग पूरी तरह भरे रहते हैं।
जयपुर बुकमार्क में प्रकाशन, भाषा और क्षेत्रीय कथाएँ
फ़ेस्टिवल के साथ-साथ चलने वाला दक्षिण एशिया का प्रमुख प्रकाशन सम्मेलन जयपुर बुकमार्क अपने 13वें संस्करण में मराठी भाषा, अनुवाद, नई कहानी कहने की तकनीकों और प्रकाशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर केंद्रित रहेगा। इसमें रॉयल नॉर्वेजियन एम्बेसी कंट्री पार्टनर है। ब्लूवन इंक द्वार प्रस्तुत जयपुर बुकमार्क 2026 ब्रिटिश काउंसिल के साथ अपनी संयुक्त पहल इंडिया-यूके पब्लिशिंग फ़ेलोशिप को आगे बढ़ाएगा, जिसका उद्देश्य स्वतंत्र प्रकाशकों के बीच पेशेवर सहयोग को मज़बूत करना और वैश्विक पहुँच का बढ़ाना है। तमिलनाडु टेक्स्टबुक ब्यूरो, सेज पब्लिकेशन्स और महाराष्ट्र सरकार का मराठी भाषा विभाग इस संस्करण में सत्र सहयोगी होंगे।
राजस्थानी और भारतीय संगीत परंपराओं का प्रदर्शन
फ़ेस्टिवल के सांस्कृतिक विस्तार के रूप में फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जयपुर म्यूज़िक स्टेज एक बार फिर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के भीतर सबसे प्रतीक्षित लाइव संगीत मंचों में से एक के रूप में लौटेगा, जहाँ समकालीन और विविध शैलियों के मेल से बनी सुरीली प्रस्तुतियाँ होंगी। 2026 के लाइन-अप में सौमिक दत्ता | ट्रैवलर्स, वासु दीक्षित कलेक्टिव, परवाज़, रमन नेगी, युग्म, थैकुदम ब्रिज और गौली भाई के परफॉर्मेंस शामिल हैं, जो दर्शकों को कविता, संगीत और कहानी कहने का एक दिलचस्प संगम पेश करते हैं।
जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल का मॉर्निंग म्यूज़िक इन्फोसिस फाउंडेशन के सहयोग से भारतीय संगीत परंपराओं की गहराई और विविधता को सामने लाता है। इसमें शास्त्रीय संगीत, क्षेत्रीय लोक अभिव्यक्तियाँ, स्वदेशी कोरल परंपराएँ और लय-प्रधान समूह शामिल होते हैं। 2026 कार्यक्रम में नादा — स्वर और शांति के बीच, ऐश्वर्या विद्या रघुनाथ और ऋत्विक राजा के नेतृत्व में एक चिंतनशील कर्नाटक संगीत समूह; भोपा समुदाय की मौखिक विरासत को सँजोए राजस्थानी लोकगायिका भंवरी देवी; शास्त्रीय ताल परंपराओं की खोज करता नवाचारी समूह ताल फ़्राई; नागालैंड की लोकधुनों और कोरल परंपराओं से उपजा आओ नागा कॉयर; तथा कश्मीर की संगीत विरासत से प्रेरित ध्यानपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए प्रसिद्ध नवाब ख़ान और द मंत्रा बैंड शामिल हैं। ये सभी प्रस्तुतियाँ भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक पहचान को प्रतिबिंबित करती हैं, जहाँ संगीत स्मृति का वाहक भी है और एक जीवंत समकालीन रचनात्मक शक्ति भी।
साझेदारियाँ और समर्थन
फ़ेस्टिवल वेदांता द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है, जिनका सतत समर्थन इसकी सफलता में महत्वपूर्ण रहा है। 2026 संस्करण को इन्फोसिस फ़ाउंडेशन और एमएसएफ़ फ़ाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है। एचएसबीसी एफओएफ़ लाउंज पार्टनर है, एचयूएल ताज टी ऑफ़िशियल टी पार्टनर, प्लैनेट व्हीलर फ़ाउंडेशन सत्र श्रृंखला सहयोगी, वेदिका ऑफ़िशियल हाइड्रेशन पार्टनर हैं।
टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय ने कहा, “उन्नीस वर्षों में जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल दुनिया भर से विचारों, कल्पना और संवाद का एक संगम स्थल बन गया है, जबकि यह भारत के सांस्कृतिक और बौद्धिक जीवन में गहराई से जुड़ा रहा है। 2026 संस्करण साहित्य की उस शक्ति में हमारे विश्वास को दर्शाता है, जो संवाद को प्रेरित करती है, सहानुभूति को पोषित करती है और हमारे समय की जटिलताओं से अधिक संवेदनशीलता के साथ जुड़ने में मदद करती है।“
क्लार्क्स ग्रुप ऑफ़ होटल्स के प्रबंध निदेशक अपूर्व कुमार ने कहा, “जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल एक ऐतिहासिक आयोजन है जो जयपुर की बौद्धिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत को दिखाता है। होटल क्लार्क्स आमेर में एक बार फिर इसकी मेज़बानी करना हमारे लिए गर्व की बात है और यह फ़ेस्टिवल इस क्षेत्र में टूरीज्म और हास्पिटैलिटी के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।“
सुलभता और समावेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए फ़ेस्टिवल नुपुर संस्थान के सहयोग से सांकेतिक भाषा में व्याख्या सत्रों का आयोजन करेगा, ताकि विविध दर्शकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।