जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ जेसीआरसी फाउंडेशन “जेसीआरसी क्लाउड समिट 2026” का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। “बिल्डिंग कनेक्शंस, एम्पावरिंग इनोवेशन” थीम पर आधारित इस तकनीकी समिट का उद्देश्य विद्यार्थियों और तकनीकी समुदाय को क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा उभरती डिजिटल तकनीकों के नवीनतम आयामों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों ने समकालीन तकनीकी विषयों पर गहन विचार-विमर्श प्रस्तुत किया।
डॉ अनुकृति बंसल (गूगल डेवलपर एक्सपर्ट- मशीन लर्निंग) ने एजेंटिक ऐ आई विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि भविष्य की एआई प्रणालियाँ केवल निर्देशों का पालन करने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वे स्वायत्त निर्णय लेने, जटिल समस्याओं को समझने और बहु-स्तरीय कार्यों को निष्पादित करने में सक्षम होंगी। उन्होंने एजेंट-आधारित एआई मॉडल्स के व्यावहारिक अनुप्रयोगों एवं उनके संभावित प्रभावों पर प्रकाश डाला।
अनमोल सचदेवा (वरिष्ठ आर्किटेक्ट, गूगल) ने रोंग ए आई प्रैक्टिसेज विषय पर चर्चा करते हुए एआई के गलत या अनैतिक उपयोग, डेटा बायस, मॉडल मिसयूज़ और सुरक्षा जोखिमों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जिम्मेदार एआई विकास के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं (बेस्ट प्रैक्टिसेज) को अपनाने की अपील की।
आशिता प्रसाद (सीनियर डेवलपर इंजीनियर, एडब्ल्यूएस ) ने एमसीपी (मॉडल कॉन्टेक्ट प्रोटोकॉल) पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने समझाया कि किस प्रकार आधुनिक एआई मॉडल्स में संदर्भ प्रबंधन (कॉन्टेक्ट मैनेजमेंट) और सिस्टम इंटीग्रेशन के माध्यम से अधिक सटीक, विश्वसनीय एवं स्केलेबल समाधान विकसित किए जा सकते हैं।
वहीं, विकास बाजपेई (गूगल डेवलपर ग्रुप्स लीड, जयपुर) ने एथिकल ए आई पर अपने विचार व्यक्त करते हुए तकनीकी नवाचार के साथ नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को संतुलित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की तकनीक तभी सार्थक होगी जब वह समाज के हित में कार्य करे।
समिट के दौरान लाइव प्रश्नोत्तर सत्र और इंटरैक्टिव संवाद ने प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। इससे छात्रों को करियर मार्गदर्शन, उद्योग की अपेक्षाओं और उभरते कौशलों के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
इस आयोजन का सफल संचालन विजेता कुमावत तथा कनिका भूटानी के नेतृत्व में किया गया, जिनके समन्वय एवं प्रयासों से यह समिट सुव्यवस्थित और प्रभावी रूप से संपन्न हुआ।
समापन अवसर पर आयोजकों ने इस समिट को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं भविष्य-केंद्रित पहल बताते हुए आगामी समय में भी ऐसे तकनीकी मंचों के माध्यम से नवाचार और उद्योग–शिक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।