मुंबई, दिव्यराष्ट्र/ भारतीय शेयर बाजार पिछले लगभग 18 महीनों से सीमित दायरे में बने हुए हैं, जबकि दुनिया के कई बाजारों में तेज तेजी देखने को मिली। हालांकि पिछले छह महीनों में कई चुनौतियां कम होती दिखाई दी हैं। कॉर्पोरेट नतीजों में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। निफ्टी-500 कंपनियों के मुनाफे में वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर करीब 16 पतिसत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले आठ तिमाहियों का सबसे ऊंचा स्तर है और हाल के वर्षों के सबसे मजबूत परिणामों में से एक माना जा रहा है।
सिद्धार्थ चौधरी, हेड-फिक्स्ड इनकम, बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड, ने कहा, “सीपीआई का नया आधार वर्ष यह दिखाता है कि महंगाई का दबाव अभी नियंत्रण में है। इससे यह संभावना बढ़ती है कि आरबीआई कुछ समय तक नीति को स्थिर रखेगा और पहले की दर कटौतियों के असर पर ध्यान देगा।”
हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रही। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी आई, रुपये ने अपनी कुछ मजबूती खो दी और यील्ड कर्व फिर से ऊपर की ओर झुक गया, खासकर लंबी अवधि वाले बॉन्ड्स में बिकवाली बढ़ गई।
सौरभ गुप्ता, हेड-इक्विटी, बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड ने कहा, “पिछली कुछ तिमाहियों में कंपनियों की कमाई में अच्छी तेजी आई है। हाल के नतीजों में मुनाफे में व्यापक सुधार दिखा है, जो आने वाले समय में इक्विटी बाजारों को मजबूत आधार दे सकता है।”