
हर 5 में से केवल 1 शिक्षार्थी महिला: कॉलेज विद्या के आंकड़े
भारत की ऑनलाइन शिक्षा में राजस्थान की हिस्सेदारी 2023 में 5% से बढ़कर 2025 में 13% हुई
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ कॉलेज विद्या प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के अनुसार, भारत के ऑनलाइन शिक्षा परिदृश्य में राजस्थान की हिस्सेदारी पिछले दो वर्षों में दोगुनी से अधिक हो गई है। यह 2023 में 5% से बढ़कर 2025 में 13% तक पहुंच गई है। मौजूदा गति को देखते हुए अब देश में हर आठ ऑनलाइन शिक्षार्थियों में से लगभग एक राजस्थान से है।
इन रुझानों पर टिप्पणी करते हुए कॉलेज विद्या के सीओओ रोहित गुप्ता ने कहा, “राजस्थान में ऑनलाइन शिक्षा की मांग स्पष्ट रूप से रोजगार की संभावनाओं और काम के साथ पढ़ाई जारी रखने की आवश्यकता से प्रेरित है। साथ ही, यह तथ्य कि केवल 22% शिक्षार्थी महिलाएं हैं, यह दिखाता है कि वृद्धि तो हो रही है, लेकिन यह अभी पूरी तरह समावेशी नहीं है।”
इस बढ़ोतरी का नेतृत्व मुख्य रूप से ऐसे युवा कर रहे हैं जो नौकरी कर रहे हैं या कार्यक्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। कुल शिक्षार्थियों में से आधे से अधिक 21–30 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जिसमें सबसे बड़ा वर्ग 21–25 वर्ष का है। परास्नातक पाठ्यक्रमों में नामांकन 52% है, जो स्नातक पाठ्यक्रमों के 48% से थोड़ा अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि ऑनलाइन शिक्षा केवल नए छात्रों को ही नहीं बल्कि उन लोगों को भी आकर्षित कर रही है जो अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए दोबारा पढ़ाई करना चाहते हैं।
हालांकि, आंकड़े एक गंभीर लैंगिक असमानता की ओर भी इशारा करते हैं। राजस्थान में ऑनलाइन शिक्षार्थियों में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 22% है, यानी हर पांच में से केवल एक शिक्षार्थी महिला है। ऑनलाइन शिक्षा के विस्तार के बावजूद महिलाओं की भागीदारी अभी भी काफी कम बनी हुई है।
कोर्स चयन के रुझान बताते हैं कि शिक्षार्थी रोजगार से सीधे जुड़े पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दे रहे हैं। स्नातक स्तर पर बीसीए में 50% और बीबीए में 31% नामांकन है। वहीं परास्नातक स्तर पर एमबीए 55.3% के साथ सबसे आगे है, इसके बाद एमसीए में 20.6% नामांकन है। ये आंकड़े तकनीक और प्रबंधन से जुड़े पाठ्यक्रमों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाते हैं।
राजस्थान में ऑनलाइन शिक्षा के नामांकन में जयपुर की हिस्सेदारी 47% है, जबकि अजमेर 8% के साथ दूसरे स्थान पर है। जोधपुर, उदयपुर और अलवर का योगदान अपेक्षाकृत कम लेकिन उल्लेखनीय है, जिससे संकेत मिलता है कि ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार राजधानी से आगे अन्य शहरों तक भी हो रहा है।





