जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ होली खुशियों और रंगों का त्योहार है, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि त्योहार का आनंद लेते हुए मां और शिशु दोनों की सेहत को प्राथमिकता दी जाए। डॉ. मितुल गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट – आब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, कोकून हॉस्पिटल जयपुर* ने प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कुछ अहम सावधानियां बताई हैं।
1. केमिकल रंगों से बनाएं दूरी- बाजार में मिलने वाले कई रंगों में हानिकारक केमिकल और धातुएं मिलाई जाती हैं, जो त्वचा एलर्जी, रैशेज या सांस संबंधी समस्या पैदा कर सकती हैं। इसलिए केवल हर्बल या ऑर्गेनिक रंगों का ही इस्तेमाल करें। बेहतर होगा कि सूखी होली खेलें और आंखों, नाक और मुंह को रंगों से बचाकर रखें।
2. भीड़ और फिसलन से सावधान- गर्भावस्था में शरीर का संतुलन थोड़ा प्रभावित हो सकता है। भीड़भाड़, धक्का-मुक्की या गीली जमीन पर चलने से गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ऐसी जगहों से दूरी बनाए रखना ही सुरक्षित है।
3. शोर और थकान से बचें- तेज डीजे या अधिक शोर-गुल से तनाव और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। ज्यादा देर तक खड़े रहने या भागदौड़ करने से भी थकान हो सकती है। बीच-बीच में आराम जरूर करें।
4. खानपान में बरतें सावधानी- बाहर की तली-भुनी और खुली मिठाइयों से परहेज करें। हल्का, ताजा और घर का बना भोजन लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।
असहज लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, अगर त्वचा पर रैशेज, चक्कर, पेट दर्द, सांस लेने में दिक्कत या किसी भी तरह की असहजता महसूस हो तो तुरंत अपने चिकित्सक से सलाह लें। होली का त्योहार जरूर मनाएं, लेकिन अपनी और शिशु की सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें।